पीआईबी गुवाहाटी ने तिनसुकिया में जनगणना 2027 पर जिला मीडिया कार्यशाला ‘वार्ता’ का किया आयोजन।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), गुवाहाटी, असम ने आज तिनसुकिया जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आगामी जनगणना 2027 के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मीडिया कार्यशाला ‘वार्ता’ का आयोजन किया। कार्यशाला में मीडिया प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों सहित लगभग 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में तिनसुकिया के जिला आयुक्त श्री सुमित सत्तावन, आईएएस ने जनगणना की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की जाने वाली सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और किसी के साथ साझा नहीं की जाएगी।
उन्होंने सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जनगणना के विश्वसनीय आंकड़े सरकार को प्रभावी नीतियां बनाने तथा नागरिकों के हित में कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में सहायता करते हैं। उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी देकर जनगणना में पूर्ण सहयोग करें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना के विकास तथा जनसेवाओं की योजना बनाने का आधार होते हैं।जनगणना 2027 पर मुख्य प्रस्तुति देते हुए असम जनगणना संचालन निदेशालय के संयुक्त निदेशक विकास नाथ ने जनगणना के दो चरणों, डिजिटल तकनीक के उपयोग, स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता तथा प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से भी अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। डॉ. प्रांजित सैकिया, मास्टर ट्रेनर एवं एसोसिएट प्रोफेसर, डूमडूमा कॉलेज ने जनगणना 2027 की नई विशेषताओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिससे बेहतर गुणवत्ता वाले आंकड़े, तेज़ प्रसंस्करण, कम मैनुअल कार्य, रियल-टाइम निगरानी तथा पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग पर निर्भर करती है। साथ ही उन्होंने जनगणना प्रक्रिया के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। यह कार्यशाला जिला स्तर पर पत्रकारों के साथ संवाद को सुदृढ़ करने और उनकी क्षमता निर्माण के उद्देश्य से पत्र सूचना कार्यालय की सतत मीडिया आउटरीच पहल का हिस्सा थी। इसने सरकारी अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच संवाद एवं ज्ञान-विनिमय के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया, जिससे पत्रकारों को सरकार की प्रमुख नीतियों, प्रमुख योजनाओं तथा उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिला।



