गाजियाबाद
महिला सफाईकर्मी के उत्पीड़न पर चुप क्यों है लोनी बोर्डर पुलिस?
कार्रवाई की जगह टालमटोल से उठ रहे हैं सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी नगर पालिका परिषद क्षेत्र में कार्यरत एक महिला सफाईकर्मी द्वारा ड्यूटी से हटाने, कथित आर्थिक वसूली, मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस पुलिस कार्रवाई न होने से क ई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता ने थाना लोनी बॉर्डर में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, लेकिन उसके अनुसार शिकायत के बाद भी मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायत के अनुसार महिला सफाईकर्मी वर्ष 2026 से नगर पालिका परिषद में कार्यरत है और उसकी ड्यूटी थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र में लगी थी। पीड़िता का आरोप है कि उसका सुपरवाइजर लंबे समय से उसका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। उसने आरोप लगाया कि महिलाओं को बुलाकर उसके साथ मारपीट कराई गई, गाली-गलौज की गई और लगातार प्रताड़ित किया गया।
महिला का यह भी आरोप है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर उससे ₹15 हजार लिए गए। इसके बाद भी उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट किए जाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसने नगर पालिका के अधिकारियों से भी शिकायत की, अधिशासी अधिकारी ने मामले की जानकारी होते ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए। लेकिन कोई कार्यवाही ना होने पर मजबूर होकर उसने थाना लोनी बॉर्डर में अपना प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
इधर क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है। स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हैं कि कुछ हिंदू वादी प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र व आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब एक महिला कर्मचारी खुद उत्पीड़न, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगा रही है तो पुलिस अब तक जांच को तेज करने और कानूनी कार्रवाई शुरू करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है? महिला सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने के सरकारी दावों के बीच यदि ऐसी शिकायतों पर भी शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो इससे पीड़ितों का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है।
फिलहाल थाना लोनी बॉर्डर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़ी हुई है।

