
गार्डर समेत तीन छतें ढहीं, हादसे के बाद मौके पर मची चीख-पुकार; पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम रेस्क्यू में जुटी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : बॉर्डर थाना क्षेत्र की गुलाब वाटिका कॉलोनी में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारस हार्डवेयर की दुकान की जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत के मलबे की चपेट में आने से दुकान में काम कर रहे तीन मजदूर घायल हो गए, जबकि एक मजदूर मलबे में दब गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मुकेश नामक मजदूर के मलबे में दबे होने की जानकारी थी और उसे निकालने के प्रयास जारी थे।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब चार बजे गुलाब वाटिका कॉलोनी स्थित पारस हार्डवेयर की दुकान में मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुकान की तीनों छतें सील-पट्टी से बनी हुई थीं और लंबे समय से कमजोर एवं जर्जर अवस्था में थीं। बताया जा रहा है कि छत पर काफी वजन भी रखा हुआ था। शाम के समय अचानक सबसे ऊपर की छत गार्डर समेत भरभराकर नीचे आ गिरी। ऊपरी छत के गिरने से उसके नीचे बनी दोनों छतें भी टूट गईं और देखते ही देखते पूरा मलबा दुकान के अंदर जा गिरा।
अचानक हुए हादसे से आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई। दुकान में मौजूद मजदूरों के मलबे में दबने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में बॉर्डर थाना पुलिस के साथ एसीपी, डीएलएफ थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कराया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया गया।
हादसे में अजीत और जतिन गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। दोनों को उपचार के लिए जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अखिलेश के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। जबकि मुकेश नामक मजदूर के मलबे में दबे होने की बात सामने आई। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और राहत टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी रही।
जर्जर छत को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक दुकान की छत काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी। लोगों का आरोप है कि छत की कमजोर स्थिति के बावजूद वहां मजदूरों से काम कराया जा रहा था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों ने हादसे के लिए दुकान संचालक की कथित लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
मलबे के पास जमा हुई भारी भीड़
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। मलबे में मजदूर के दबे होने की सूचना से लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल रहा। भारी भीड़ के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी परेशानी सामने आई। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को हटाकर रेस्क्यू टीम को काम करने देने की अपील की।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे मुकेश को बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।



