हजारीबाग
प्रखंड दारू के कविलासी पंचायत में आयोजित हुआ जल अर्पण दिवस” कार्यक्रम।
जलापूर्ति योजनाओं के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित कर संरक्षण एवं सुचारू संचालन के लिए किया गया प्रेरित।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत कविलासी पंचायत/ग्राम में “जल अर्पण दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलापूर्ति योजनाओं के प्रति आमजनों में स्वामित्व की भावना विकसित करना तथा इनके संरक्षण, देख-रेख एवं सुचारू संचालन में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया, उपमुखिया, जलसहिया, प्रखंड वाश समन्वयक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जल बंधन, जल यात्रा एवं जल शपथ का आयोजन किया गया। साथ ही जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण एवं संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संबंधित व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को जलापूर्ति योजनाओं के प्रति जिम्मेदारी एवं स्वामित्व का भाव विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें योजनाओं की नियमित देख-रेख, रखरखाव एवं सुचारू संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया, ताकि प्रत्येक परिवार को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की सुविधा मिल सके।
इस दौरान पेयजल के दुरुपयोग को रोकने, प्रत्येक परिवार द्वारा जलकर का भुगतान करने, जलकर के महत्व, वर्षा जल के भंडारण तथा पेयजल स्रोतों की FTK (Field Testing Kit) के माध्यम से नियमित जल जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए जल के विवेकपूर्ण उपयोग एवं भविष्य के लिए जल स्रोतों के संरक्षण की अपील की गई। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं की सफलता केवल इनके निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके सतत संचालन और रखरखाव में समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामुदायिक स्वामित्व एवं जनभागीदारी के माध्यम से ही हर घर तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। जल अर्पण दिवस” के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, जल के सदुपयोग और जलापूर्ति योजनाओं के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प दिलाते हुए सामूहिक रूप से जल सुरक्षा की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया गया।


