स्वतंत्रता दिवस को लेकर पाकुड़ पुलिस अलर्ट, एसपी अनुदीप सिंह ने दिए सख्त निर्देश
Pakur Police on alert for Independence Day; SP Anudeep Singh issues strict instructions.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पाकुड़ के सभागार कक्ष में मंगलवार को जुलाई माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह (भा.पु.से.) ने की। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पाकुड़ एवं महेशपुर, सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी तथा आगामी स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों एवं संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित रूप से पुलिस सभा आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व में पुलिसकर्मियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण किया जा चुका है। अपराध गोष्ठी में POCSO Act से संबंधित मामलों का निर्धारित समयावधि में निष्पादन करने तथा IT Act और NDPS Act से जुड़े मामलों के अनुसंधान एवं निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही लंबित वारंट एवं कुर्की का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। जुलाई माह में प्रतिवेदित एवं निष्पादित कांडों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में कुल 100 कांड प्रतिवेदित हुए, जबकि 113 कांडों का निष्पादन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, पाकुड़ के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। थाना एवं ओपी प्रभारियों को प्रतिदिन अलग-अलग समय एवं स्थान पर जांच अभियान चलाकर हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन रजिस्ट्रेशन एवं इंश्योरेंस आदि की जांच करने को कहा गया। इसके अलावा Drunk and Drive के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर MV Act के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अनुसंधानकर्ताओं को सड़क दुर्घटना से संबंधित कांडों की प्रविष्टि e-DAR में सुनिश्चित करने को भी कहा गया। पिछले पांच वर्षों में संपत्तिमूलक अपराधों में सक्रिय रहे अथवा सिद्धदोष अपराधकर्मियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उनके नाम CCA, निगरानी पंजी एवं गुंडा पंजी में दर्ज करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। चोरी, लूट, डकैती एवं गृहभेदन जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थाना क्षेत्रों में नियमित गश्ती और सघन जांच अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि थाना/ओपी में आने वाले शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उनकी समस्याओं को शालीनतापूर्वक सुनते हुए प्रत्येक मामले में नियमानुसार एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया। सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला अत्याचार, डायन प्रथा, बाल विवाह एवं समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक माह स्कूल, कॉलेज, हाट-बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। इसके अलावा लंबित चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन एवं परिवाद पत्रों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अवैध पत्थर, कोयला एवं बालू के उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध जिला खनन टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। वहीं, अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लगातार छापेमारी अभियान चलाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश पुलिस अधीक्षक ने दिया। मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने सभी पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण एवं आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।



