गाजियाबाद
शिक्षा संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग
राष्ट्रपति को भेजा प्रार्थना पत्र
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : शिक्षा को देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मानवीय विकास की आधारशिला बताते हुए लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ने राष्ट्रपति को अपना प्रार्थना पत्र भेजकर देशभर के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में बुनियादी एवं आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित कराने की मांग की है।
राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में सुरेन्द्र कुमार एडवोकेट ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, हवादार कक्ष, नियमित विद्युत आपूर्ति, आधुनिक शौचालय, तकनीकी रूप से बेहतर भवन, वृक्षारोपण और अन्य आवश्यक मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि देश में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यकता के अनुसार नए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं। पुराने एवं जर्जर शिक्षण संस्थानों का जीर्णोद्धार कराया जाए तथा लंबे समय से बंद पड़े शिक्षण संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दोबारा संचालित किया जाए। साथ ही विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षक, प्रवक्ता, प्रोफेसर एवं खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रार्थना पत्र में शिक्षा के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21, 21ए, 14, 15 तथा नीति निदेशक तत्वों के अनुच्छेद 38, 39, 41, 45, 46 और 47 से जोड़ते हुए कहा गया है कि समान, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों, अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के बच्चों की शिक्षा सरकारी अथवा सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों में सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी और समानता के संवैधानिक सिद्धांत को व्यवहार में मजबूती मिलेगी।
प्रार्थना पत्र में शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही तथा मांगों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और की गई कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराने का भी अनुरोध किया गया है।
सुरेंद्र कुमार ने राष्ट्रपति से मामले पर संज्ञान लेकर संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपेक्षा की है। प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद और लोनी के संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।