गोड्डा
गोड्डा के स्कूल में छात्रा से कथित दुर्व्यवहार और मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पोरैयाहाट। प्रखंड के बाघमारा पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय चोरबाद में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। मामले ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कक्षा 7 में पढ़ने वाली छात्रा बीमारी के कारण करीब दो महीने तक स्कूल नहीं जा सकी थी। बीमारी से ठीक होने के बाद जब वह दोबारा पढ़ाई जारीh रखने के उद्देश्य से स्कूल पहुंची, तो आरोप है कि उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसे लेकर छात्रा और उसके परिवार की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।सवाल यह है कि बीमारी के कारण स्कूल से दूर रहने वाले बच्चे को दोबारा स्कूल लौटने पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए या उसे किसी तरह की शर्मिंदगी का सामना करना पड़े? वहीं, हमारी टीम जब स्कूल पहुंची तो स्कूल के बाहर कई बच्चे घूमते नजर आए। इसके अलावा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल सामने आए। स्कूल में गैस की व्यवस्था होने के बावजूद कथित तौर पर कोयले से खाना बनाए जाने की बात सामने आई। खाना बनाने वाली रसोइया ने भी कैमरे के सामने कोयले से खाना बनाए जाने की बात कही। अब सवाल शिक्षा विभाग से है कि स्कूल में गैस की व्यवस्था होने के बावजूद कोयले का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? क्या स्कूल का नियमित निरीक्षण होता है? अगर निरीक्षण होता है, तो ये व्यवस्थागत कमियां अधिकारियों की नजर से कैसे बचीं? सबसे गंभीर सवाल नाबालिग छात्रा के साथ कथित व्यवहार को लेकर है। क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या छात्रा और उसके परिवार की शिकायत सुनी जाएगी? क्या स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा जाएगा? फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।क्योंकि स्कूल सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव है। इसलिए शिक्षा विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की व्यवस्था, मध्याह्न भोजन और छात्रा से जुड़े आरोपों की जांच करनी चाहिए। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बच्चों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



