कैराना
31 साल पुराने गौवध मामले में भी आया फैसला, दो दोषियों पर छह हजार का जुर्माना
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। अपराधियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी का असर अब पुराने मामलों में भी दिखाई देने लगा है। शामली पुलिस की पैरवी के चलते अलग-अलग वर्षों में दर्ज गौवध अधिनियम के दो मामलों में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दंडित किया है। दोनों पर न्यायालय ने कुल छह हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।1993 के मामले में इरफान पर एक हजार का जुर्माना
कैराना थाना क्षेत्र के मोहल्ला असांरियान निवासी इरफान पुत्र मुंशी के खिलाफ वर्ष 1993 में मुकदमा अपराध संख्या 289/1993 धारा 5क(10)/8 गौवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में न्यायालय के समक्ष प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की। गुरुवार को एसीजेएम शामली की अदालत ने इरफान को एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 2019 के मामले में नौशाद को जेल में बिताई अवधि की सजा
दूसरे मामले में झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव टपराना निवासी नौशाद उर्फ भूरा पुत्र शमशाद के खिलाफ वर्ष 2019 में मुकदमा अपराध संख्या 390/2019 धारा 3/8 गौवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद गुरुवार को सीजेएम शामली की अदालत ने नौशाद को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुराने मामलों में भी पैरवी से कार्रवाई।शामली पुलिस के अनुसार, अपराधियों के खिलाफ दर्ज मामलों में प्रभावी पैरवी कर उन्हें न्यायालय से दंडित कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में 1993 और 2019 में दर्ज दो मामलों में न्यायालय का फैसला आया है।


