मेरठ
एमआईटी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में एकजुट हुए शिक्षाविद
फार्मा क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन से विकसित भारत का लक्ष्य होगा साकार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। एकेटीयू लखनऊ के सहयोग से मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का शुभारंभ हुआ। “इनोवेशन, रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप इन फार्मा फॉर विकसित भारत 2047” विषय पर आयोजित कांफ्रेंस में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के शोधकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। कांफ्रेंस में कुल 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें पहले दिन 22 शोध पत्रों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीआरडीओ के डायरेक्टर जनरल रिसोर्स एंड मैनेजमेंट डॉ. रविंद्र कुमार, सीसीएसयू के डॉ. एसके शर्मा, एमआईटी निदेशक डॉ. केएलए खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा और फार्मेसी प्रिंसिपल डॉ. नीरज कांत शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि भारत अब केवल जेनेरिक दवाओं के उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि फार्मा इनोवेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल जेनेरिक दवाओं की सफलता पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। देश को नए फार्मास्युटिकल उत्पाद विकसित करने, रिसर्च को बढ़ावा देने और नवाचारों को पेटेंट कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने फार्मा कंपनियों से रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर निवेश बढ़ाने और अपने नवीन उत्पादों के विकास एवं पेटेंट पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। साथ ही सरकार की ओर से आरएंडडी और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कांफ्रेंस के पहले दिन एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा के डॉ. रूपेश कुमार गौतम और लॉयड इंस्टीट्यूट, ग्रेटर नोएडा के डॉ. आशीष कुमार पराशर ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में शोधार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने फार्मा क्षेत्र में नवीन अनुसंधान, तकनीकी विकास और उद्यमिता की संभावनाओं पर विचार साझा किए। इस दौरान फार्मेसी प्रिंसिपल डॉ. नीरज कांत शर्मा, कांफ्रेंस सेक्रेटरी डॉ. अमरेंद्र प्रताप यादव, डॉ. विपिन कुमार शर्मा, डॉ. आलोक शर्मा और अजय चौधरी सहित शिक्षक, शोधकर्ता एवं छात्र मौजूद रहे।



