बालाघाट

आदिवासी बच्चों की मौत पर गरजे श्रीनिवासन

सरकार से स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रभावित ग्राम बोंदारी में बांटी राहत सामग्री, लगाया मेडिकल कैंप
बोले—परिवारों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी कांग्रेस की लड़ाई
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचल में बच्चों की मौत का मामला लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। रविवार को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित ग्राम बोंदारी पहुंचे। उन्होंने प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जिसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई।
          ग्रामीणों से मुलाकात के बाद श्रीनिवासन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने के साथ डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित कर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, क्योंकि क्षेत्र में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभी भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
उन्होंने ग्रामीणों को शासन की ओर से दिए जा रहे सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इसकी जांच के बाद संबंधित कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
             श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन द्वारा आदिवासी बच्चों की मौत के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित ग्रामीणों को मच्छरदानी जैसी मूलभूत सामग्री तक उपलब्ध नहीं करा सकी, जबकि कांग्रेस और अन्य संस्थाएं जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रही हैं।
              उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मामले को उठा रही है और प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से बयानबाजी के बजाय यह स्पष्ट करने की मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं कब तक बेहतर होंगी और ग्रामीणों को नियमित रूप से डॉक्टर की सुविधा कब उपलब्ध होगी।
          श्रीनिवासन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री को प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति देखने के लिए मौके पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना किसी प्रभावशाली व्यक्ति के परिवार में होती तो क्या स्थिति इतनी ही सामान्य रहती ?
                    एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में छात्र, युवा, मजदूर, गरीब, दलित, किसान, अल्पसंख्यक और आमजन की आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संभव हुआ तो राहुल गांधी भी प्रभावित आदिवासी परिवारों का दुख-दर्द बांटने यहां आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासी ग्रामों में सरकार के सामने मासूम बच्चों की मौत हुई है, ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता के साथ पूरे मामले की समीक्षा कर स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
              कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा, विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, सेवादल जिलाध्यक्ष जीतु बर्वे, फारूख भाई, भुवन लोहार, जयकृष्ण डिंगरू, रवि बिसेन, शब्बीर मंसुरी, दीपक बंसोड़, आसीफ खान, दिलीप बिसेन सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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