रोबोटिक सर्जरी से ठीक हुआ दिल का बड़ा छेद
26 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी का सपना फिर हुआ साकार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
नई दिल्ली। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला के डॉक्टरों ने 26 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी के दिल में मौजूद बड़े जन्मजात छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) का रोबोट-असिस्टेड सर्जरी से सफल उपचार किया। न्यूनतम इनवेसिव तकनीक से की गई इस सर्जरी में पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी की तरह छाती की हड्डी काटने की जरूरत नहीं पड़ी। उपचार के बाद मरीज की रिकवरी तेजी से हुई और उसे स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मरीज में दिल की यह जन्मजात समस्या नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान सामने आई। वह पहले ही मर्चेंट नेवी में शामिल हो चुका था और अनिवार्य मेडिकल स्क्रीनिंग भी पूरी कर चुका था, लेकिन ईसीजी में यह दोष पकड़ में नहीं आया। बाद में किए गए इकोकार्डियोग्राम (ईसीएचओ) में दिल के ऊपरी दोनों कक्षों के बीच बड़ा छेद पाया गया। इससे फेफड़ों की ओर रक्त का प्रवाह बढ़ रहा था और हृदय के दाहिने हिस्से पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था।
समस्या सामने आने के बाद उसे मर्चेंट नेवी सेवा के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिससे उसका करियर और समुद्र में काम करने का सपना रुक गया। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि छेद का आकार और बनावट ऐसी थी कि उसे कैथेटर के जरिए डिवाइस लगाकर बंद नहीं किया जा सकता था।
डॉ. रित्विक राज भुयान, सीनियर डायरेक्टर, कार्डियो थोरासिक वैस्कुलर सर्जरी और डॉ. निशिथ चंद्रा, प्रिंसिपल डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी के नेतृत्व में टीम ने Da Vinci Xi रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की मदद से ऑपरेशन किया। छोटे पोर्ट और सीमित चीरे के जरिए हृदय तक पहुंच बनाकर विशेष पैच से छेद बंद किया गया। सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी हुई और मरीज को उसी दिन वेंटिलेटर से हटा दिया गया।
डॉ. भुयान ने बताया कि युवा मरीज में बड़ा एएसडी स्वास्थ्य के साथ उसके करियर को भी प्रभावित कर सकता है। रोबोटिक तकनीक से पारंपरिक ओपन सर्जरी के बजाय कम इनवेसिव तरीके से दोष को ठीक किया गया, जिससे तेजी से रिकवरी में मदद मिली।
डॉ. निशिथ चंद्रा ने कहा कि इस मामले में दोष की बनावट और आकार के कारण डिवाइस क्लोजर उपयुक्त नहीं था। मरीज की कम उम्र और जल्द अपने पेशेवर जीवन में लौटने की जरूरत को देखते हुए रोबोटिक सर्जरी का विकल्प चुना गया।
मरीज ने कहा कि उसे कभी कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं हुए थे और वह हमेशा सक्रिय रहा। बीमारी के कारण करियर रुकने के बाद सफल सर्जरी ने उसे फिर से मर्चेंट नेवी में अपने सपने को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है।


