गोड्डा
तय सीमा के अंदर सौपें दुर्घटना की आनलाइन व आफलाइन रिपोर्ट : पीडीजे
व्यवहार न्यायालय के पुस्तकालय सभागार में जिला स्तरीय मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल कार्यशाला आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित पुस्तकालय सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से संबंधित एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्धाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार, जिला जज प्रथम कुमार पवन, द्वितीय निरूपम कुमार, जिला जज तृतीय रिचा श्रीवास्तव, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार झा, महासचिव योगेश चंद्र झा, एसडीपीओ आकाश भारद्वाज, जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव दीपक कुमार, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के लीगल आफिसर आशिष कुमार आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने कहा कि मोटर दुर्घटना में जिसके परिवार के मुख्य श्रोत व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। उसे शीघ्र दावा का भुगतान करने की जरुरत है। अनुसंधानकर्ता द्वारा रिपोर्ट सही समय पर रिपोर्ट जमा नहीं होने पर दावा के निपटारा में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारी को भी इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की नसीहत दी। कहा कि अन्य जिले की तरह यहां भी अनुसंधान कर ट्रिव्यूनल के समक्ष तय सीमा के अंदर रिपोर्ट आन लाइन व आफ लाइन दोनों शीघ्र सौपने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरुरत पर बल दिया। जिला जज प्रथम कुमार पवन ने कहा कि मोटर वाहन दुघर्टना के क्लेम में सबसे बड़ी जिम्मेवारी पुलिस विभाग की है। अनुसंधानकर्ता (आईओ) को एमएसीटी क्लेम से संबंधित सभी जानकारी होनी चाहिए। नए प्रविधान के अनुरूप दुर्घटना के 48 घंटे के भीतर आईओ द्वारा ट्रिब्यूनल को रिपोर्ट सौंपना है। दुर्घटना के बाद से प्राथमिकी दर्ज करने के समय से ही इस प्रपत्र को भरने से संबंधित सभी प्रकार की सूचना एकत्रित करने के प्रति गंभीर रहें। जिला जज द्वितीय निरुपम कुमार ने कहा कि मोटर दुर्घटना की स्थिति में मानवीय संवेदना के आधार पर भी कदम उठाने की जरुरत है। उन्होंने इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि आईओ को आनलाइन व आफ लाइन प्रपत्र समय सीमा के अंदर जमा नहीं करने से दावा के निपटारा में परेशानी होती है। इसके प्रति गंभीरता पूर्वक कार्य करने पर बल दिया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आकाश भारद्वाज ने वाहन दुघर्टना से संंबंधित प्रविधानों की जानकारी दी। आई को मोटर क्लेम के मामले में सभी पहलुओं पर ध्यान रखते हुए अन्वेशन करने की सलाह दी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क दुघर्टना को लेकर जागरुकता अभियान चलाने की बात कही। कार्यशाला का संचालन अधिवक्ता सह मीडिएटर नूतन तिवारी कर रही थी।धन्यवाद ज्ञापन डालसा सचिव दीपक कुमर ने किया। इस अवसर पर सभी न्यायिक पदाधिकारी, एलएडीसी, मीडिएटर, पुलिस पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।




