छात्राओं ने जाना करियर का रास्ता, लक्ष्य तय कर तैयारी पर दिया जोर
सीडीओ श्रुति शर्मा ने छात्राओं से किया संवाद, रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की दी सीख

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हापुड़। श्री जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के सभागार में कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को समय रहते अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने, करियर के विभिन्न विकल्पों को समझने तथा उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अधिकारियों से करियर से जुड़े सवाल पूछे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में लक्ष्य का निर्धारण बेहद महत्वपूर्ण है। स्पष्ट लक्ष्य होने से पढ़ाई और तैयारी को सही दिशा मिलती है। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखकर करियर का चुनाव करने की सलाह दी। साथ ही समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और अनुशासन को सफलता की तैयारी का अहम हिस्सा बताया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अंतिम समय की तैयारी पर निर्भर रहने के बजाय पहले से योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन करना चाहिए। पाठ्यक्रम को समझकर विषयवार तैयारी, नियमित अभ्यास और समय-समय पर अपनी कमियों का आकलन करने से तैयारी को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद करने का अवसर मिला। छात्राओं ने करियर चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अध्ययन की रणनीति से जुड़े प्रश्न पूछे। अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी और अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्य पारुल त्यागी ने मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा एवं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. श्वेता पुठिया का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
वक्ताओं ने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए करियर का रास्ता अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक क्षेत्र को ही सफलता का माध्यम मानने के बजाय अपनी प्रतिभा और रुचि के अनुरूप संभावनाओं की तलाश करनी चाहिए। निरंतर सीखने, अनुशासन बनाए रखने और लक्ष्य की दिशा में नियमित प्रयास करते रहने पर भी जोर दिया गया।
समापन पर छात्राओं को संदेश दिया गया कि सही लक्ष्य, व्यवस्थित तैयारी और निरंतर मेहनत के बल पर वे अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। विद्यालय में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम छात्राओं को भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराने और उनमें आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में उपयोगी पहल रहा।


