अरबीन की हत्या से मन्नामाजरा में पसरा मातम, गमगीन माहौल में दफनाया शव
गंगोह क्षेत्र के सलारपुर में पीट—पीटकर की गई थी टायर फैक्ट्री संचालक की हत्या

परिजनों का आरोप— हर महीने रुपये मांगते थे आरोपी, नहीं देने पर की हत्या
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र के गांव सलारपुर में टायर फैक्ट्री संचालक अरबीन चौहान की हत्या से क्षेत्र के गांव मन्नामाजरा में शोक छाया हुआ है। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में चीख—पुकार मच गई। बाद में गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द—ए—खाक कर दिया गया। वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फैक्ट्री संचालित करने के एवज में हर महीने रुपये मांगते थे। रुपये नहीं देने पर अरबीन की हत्या कर दी गई।
क्षेत्र के गांव मन्नामाजरा निवासी अरबीन चौहान (42) ने करीब दो वर्ष पूर्व सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र के गांव सलारपुर में पुराने टायर गलाने की फैक्ट्री स्थापित की थी। आरोप है कि शुक्रवार रात फैक्ट्री में पहुंचे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने अरबीन और उसके साथ मौजूद सादिक पर लाठी—डंडों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में अरबीन की मौत हो गई, जबकि सादिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सूचना मिलने पर परिजन रात में ही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए थे। पुलिस ने अरबीन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शनिवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव मन्नामाजरा स्थित घर पहुंचे। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान में दफना दिया गया। घटना के बाद से गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
रुपये मांगने आते थे लोग, नहीं देने पर हत्या का आरोप
अरबीन के चाचा इकराम ने बताया कि फैक्ट्री स्थापित करने के बाद से ही कुछ लोग वहां हर महीने आते थे और गाली-गलौज करते हुए रुपये देने की मांग करते थे। उनके भतीजे ने तीन बार उन्हें रुपये भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आरोपी कथित रुप से रुपये मांगने से बाज नहीं आ रहे थे। इकराम ने बताया कि शुक्रवार सुबह अरबीन अपनी ससुराल चंदपुरा गया हुआ था। रात करीब आठ बजे फैक्ट्री के गार्ड ने फोन कर बताया कि वहां लोग पहुंचकर हंगामा कर रहे हैं। इसके बाद अरबीन अपनी साली के बेटे सादिक को साथ लेकर बाइक से फैक्ट्री पहुंचा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही हमलावरों ने दोनों पर हमला कर दिया, जिसमें अरबीन की जान चली गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया गया कि अरबीन तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता रुकमदीन की करीब दस वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अरबीन के परिवार में तीन बेटियां और 16 वर्षीय बेटा जुनैद है। परिजनों ने बताया कि परिवार की आजीविका चलाने की पूरी जिम्मेदारी अरबीन पर ही थी। उसकी हत्या से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद से परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल है।



