
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर विशेष जागरूकता अभियान
“माताओं के लिए नवजात की देखभाल – डॉ. अभिनव तोमर का महत्वपूर्ण संदेश”
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर बड़ौत में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उभरे हैं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर, जिनके स्वास्थ्य सुझावों ने नवजात शिशुओं के पोषण और देखभाल के प्रति माताओं को जागरूक किया। इस कार्यक्रम का सार है – स्वस्थ माताएँ = स्वस्थ शिशु = स्वस्थ राष्ट्र।
बदलते मौसम में शिशु देखभाल के 7 दिशानिर्देश
डॉ. तोमर ने माताओं को दिए ये सात महत्वपूर्ण टिप्स:
- संक्षिप्त स्नान व साफ-सफाई
हल्के गर्म पानी से रोज़ाना स्नान कराने से त्वचा संक्रमण की संभावना कम होती है। - आरामदायक कपड़े
बदलते मौसम में शिशु को हल्के सूती व ढीले कपड़े पहनाएँ, जिससे उसे ठंड–गर्म का संतुलन बना रहे। - नियमित स्तनपान
माँ का दूध शिशुओं को इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने में मदद करता है, विशेषकर संक्रमण के समय। - हाइड्रेटेड रखें
6 माह से बड़े शिशु को हल्का गुनगुना पानी दें, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके। - साफ हाथ जरूरी
किसी भी प्लेयर या माइक्रोस्कोप पर जाने से पहले हाथ धोना चाहिए – संक्रमण की रोकथाम का सबसे सरल उपाय। - त्वचा की देखभाल
पसीने व रैशेज़ से बचाने के लिए कपड़े समय-समय पर बदलें व त्वचा को सूखा रखें। - ट्रेंडिंग मौसम में जागरूकता
दस्त, उल्टी या बुखार जैसी मौसमी समस्याओं में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
“माँ ही शिशु की पहली डॉक्टर होती है; मेरा मकसद उन्हें सही मार्गदर्शन देना है।”
– डॉ. अभिनव तोमर
कार्यक्रम में मौजूद माताओं ने अपनी चिंताओं और अनुभवों को साझा किया।
नवजात की पहली गर्मी से निपटने के घरेलू उपायों पर बात हुई, वहीं संक्रमण से बचाव के लिए आधुनिक और नैतिक विधियों पर जोर दिया गया।
‘शिशु स्तनपान कक्ष’ और मातृ–शिशु सेवाएँ
इस मौके पर शुरू हुई खेलकर क्षेत्र, बड़ौत में स्तनपान कक्ष का भी श्वान्ज्जन हुआ। कार्यशाला में माताओं को स्तनपान के लाभ, गुप्त स्थानों की महत्ता, और सामाजिक समर्थन की भावना के बारे में बताया गया। ये कक्ष मातृत्व अधिकार और आत्मसम्मान की दिशा में एक मजबूत कदम है।
प्राथमिक स्वास्थ्य संरचनाओं का महत्व
बड़ौत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लिटिल फिट क्लिनिक जैसी सुविधाएँ माताओं और शिशुओं की देखभाल में न केवल इलाज देती हैं, बल्कि पौष्टिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करती हैं।
इस राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर, डॉ. अभिनव तोमर ने माताओं को एक मजबूत, स्वास्थ्य-संवेदनशील मार्ग दिखाया है। उनका संदेश साफ़ है – जागरूक माताएँ, स्वस्थ बच्चे, और एक सशक्त राष्ट्र।



