
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खां के बेटे अब्दुल्ला आज़म की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मुरादाबाद की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है।
सरकारी काम में बाधा पंहुचा रहे थे
यह कार्रवाई 2008 में छजलैट थाना क्षेत्र में दर्ज एक पुराने मामले को लेकर की गई है। आरोप है कि अब्दुल्ला आज़म और उनके समर्थकों ने उस समय सरकारी काम में बाधा पहुंचाई थी और सड़क जाम किया था। यह मामला सपा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा था। मामले में कोर्ट की ओर से बार-बार समन जारी कर बुलावा भेजा गया, लेकिन अब्दुल्ला आज़म बार-बार अनुपस्थित रहे। न्यायालय के लगातार निर्देशों की अनदेखी के चलते अब कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए NBW जारी किया है।
अदालत का रुख
कोर्ट ने टिप्पणी की कि आरोपी न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में ले रहे हैं और कानून के सम्मान की अनदेखी कर रहे हैं। इसी के चलते न्यायालय ने यह सख्त कदम उठाया है।
क्या है पूरा मामला
साल 2008 में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम किया था और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई थी। इस दौरान पुलिस से भी झड़प हुई थी। छजलैट थाने में इस घटना को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। अब्दुल्ला आज़म उस समय भी आरोपियों में शामिल थे।
आगे की कार्रवाई
गैर-जमानती वारंट के बाद अब पुलिस को आदेश है कि अब्दुल्ला आज़म को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। अगर वह फिर भी पेश नहीं होते, तो फरारी घोषित किए जाने की कार्रवाई की जायेगी।


