गोड्डा
श्रम कानून संशोधन के विरोध में देशव्यापी हड़ताल
मजदूर यूनियनों ने की कार्य बहिष्कार, केंद्र से 4 श्रम कोड वापस लेने की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : श्रम कानून संशोधन के विरोध में बुधवार को देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया। इस दौरान ईसीएल राजमहल कोल परियोजना में संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं और मजदूरों ने पूर्ण भागीदारी ली। इसके चलते परियोजना का कार्य पूरी तरह से ठप रहा।
युनाइटेड कोल वर्कर यूनियन के सेक्रेटरी राम जी साह ने कहा कि सरकार श्रम कानून में संशोधन कर रही है। इस संशोधन से मजदूरों का हड़ताल करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष राम स्वरूप ने बताया कि अंग्रेजों के समय में मजदूरों ने संघर्ष कर 44 श्रम कानून बनवाए थे। सरकार ने इन्हें 4 कोड में बदल दिया है।
मजदूर संगठनों की प्रमुख मांगों में श्रम कानून संशोधन की वापसी शामिल है। साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 26 हजार रुपये प्रति माह वेतन और 10 हजार रुपये पेंशन की मांग की गई है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ी हड़ताल का ऐलान किया जाएगा।
वहीं आंगनबाड़ी और अन्य निजी क्षेत्र में काम करने वालों की मजदूरी बढ़ाने की भी मांग की गई है। यूनियन के अनुसार पिछले 15 वर्षों से मजदूरी में वृद्धि नहीं हुई है। प्रदर्शन में हेअसान अंसारी, राम सुंदर महतो, श्यामसुंदर तिवारी, विनोद सागर, लालचंद पंडित , दयानंद बेसरा, विनोद सोरेन, रविकांत सिंह, मोहसिन जावेद, फारुक अंसारी समेत सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।




