दिल्ली

हड़बड़ी वाले निष्कर्ष का कोई मतलब नहीं’; विदेशी मीडिया की रिपोर्ट को विशेषज्ञों ने किया खारिज

नई दिल्ली । अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे को लेकर अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को लेकर भारत में विमानन विशेषज्ञों के बीच असंतोष बढ़ गया है। इसमें फ्यूल स्विच को लेकर बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान के कैप्टन ने फ्यूल स्विच को बंद कर दिया था। वॉल स्ट्रील जर्नल की इस रिपोर्ट की भारत में व्यापक स्तर पर आलोचना हो रही है। पायलट्स एशोसिएशन के साथ ही कई विमानन विशेषज्ञों ने इसे खारिज किया है और कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
इस हादसे पर आई वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को लेकर विमानन विशेषज्ञ संजय लाजर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने आज सुबह एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि उड़ान संख्या अक171 के कमांडर ने ईंधन स्विच खोल दिए थे। जबकि भारत के अअकइ की प्रारंभिक रिपोर्ट में केवल एक ही बयान जारी किया गया है। इसमें बहुत ही स्पष्ट रूप से दोनों पायलट की बातचीत बताई गई है। जिसमें सह पायलट पायलट से पूछता है कि “आपने इसे क्यों बंद किया? और पायलट ने जवाब दिया, “नहीं, मैंने नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस एक बयान के आधार पर, मुझे नहीं लगता कि हमारे पास कोई निर्णय लेने की पर्याप्त गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में सीवीआर की पूरी कॉपी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
आगे उन्होंने एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अमेरिका में लीक होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अजीब बात यह है कि एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट का खुलासा और लीक अमेरिका में हो रहा है। यह भारत में हम सभी के लिए और भी चिंता का विषय है। यह भारत सरकार द्वारा नियंत्रित एक स्वतंत्र संगठन है बावजूद इसके ऐसा लगता है कि वॉल स्ट्रीट जर्नल को भारत में हम में से किसी से भी, हमारी संसद या नागरिक उड्डयन मंत्रालय से ज्यादा जानकारी है। भारतीय पायलट संघ ने रिपोर्ट और एएआईबी की भूमिका पर अपना असंतोष व्यक्त किया है। मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। हमें भारत के प्रधानमंत्री से अपील करनी चाहिए कि वे इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतें और इस पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किसी वर्तमान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से इस मामले की न्यायिक जांच करवाएं।
एयर इंडिया की उड़ान संख्या 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की प्रारंभिक रिपोर्ट पर पूर्व उड़ान संचालन निरीक्षक, कैप्टन प्रशांत ढल्ला का कहना है कि अअकइ की रिपोर्ट में एक विशेष टर्म ‘बदलाव हुआ’ का उपयोग किया गया है। इसमें कहा गया है कि फ्यूल स्विच की स्थिति में बदलाव देखा गया। ऐसे में यह भी देखा जा सकता है कि फ्यूल स्विच की स्थिति को लेकर दोनों पायलट एक दूसरे से सवाल भी कर रहे हैं। दोनों पायलट्स के बीच उसकी स्थिति में बदलाव को लेकर भ्रम की स्थिति है। ऐसे में अगर इन स्विचों के लॉकिंग सिस्टम में कोई समस्या थी, तो पायलट भी असहाय थे। एएआईबी की रिपोर्ट को लेकर कैप्टन प्रशांत ढल्ला ने पहले भी कहा था कि यह मानना जल्दबाजी होगी कि दुर्घटना में मानवीय भूल ही एकमात्र कारण थी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कई पहलुओं पर विचार करना होगा, जैसे कि पायलटों की बातचीत, उनकी उड़ान का अनुभव, और विमान के इंजन में क्या खराबी आई थी।
इस बीच, पायलट्स एसोशिएसन एएलपीए इंडिया ने भी एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-171 की दुखद दुर्घटना से जुड़े प्रारंभिक निष्कर्षों और सार्वजनिक चर्चा पर चिंता व्यक्त की है। एएलपीए इंडिया ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त अक 171 विमान के चालक दल ने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया और वे सम्मान के हकदार हैं। उनका बिना किसी आधार के चरित्र-निर्णय के नहीं।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि दोनों इंजनों ने उड़ान भरने के तुरंत बाद काम करना बंद कर दिया था, जिसके कारण विमान क्रैश हो गया।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अहमदाबाद हादसे का शिकार हुए विमान के मेन पायलट को फ्यूल स्विच बंद करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्लैक बॉक्स से प्राप्त कॉकपिट रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि कैप्टन ने ही विमान के इंजन के ईंधन स्विच बंद किए थे। रिपोर्ट में दुर्घटना की जांच में मिले सबूतों के बारे में अमेरिकी अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन से परिचित सूत्रों का हवाला दिया गया है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि मेन पायलट ने जानबूझ कर फ्यूल स्विच को आॅफ कर दिया था या गलती से ऐसा हुआ था।

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