सिंगरौली

 अज्ञात शव का हुआ खुलासा

बहन ने दी थी नशेड़ी भाई की सुपारी, दो लोगों ने की थी हत्या

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
सिंगरौली । दिनांक 12/07/2025 को गोपद नदी के किनारे ग्राम ताल में ग्रामीणों द्वारा जूट के बोरे में एक अज्ञात शव के होने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुचकर देखा गया तो किसी व्यक्ति का शव बोरे के अंदर बंद था जिससे तीव्र दुर्गंध आ रही है। पुलिस के द्वारा मर्ग इंटीमेशन लेख कर बोरे को खोलकर देखा गया तो बोरे में एक पुरुष का शव था जिसकी उम्र करीबन 25 से 30 रही होगी शव लगभग 3 से 4 दिन पुराना लग रहा था इस कारण शव में सड़न एवं कीड़े पनप रहे थे। शव का चेहरा फूल चुका था इस कार चेहरा स्पष्ट नहीं था। शव की पहचान ग्रामिण जनो से कराई परंतु शव की पहचान नहीं सकी थी। मृतक के बदन में नीले रंग का स्पोर्ट टी शर्ट एवं नीले रंग का स्पोर्ट चड्डा पहने हुए था। मृतक की गले में जूट की रस्सी बंधी हुई है जिससे प्रतीत हो रहा था कि मृतक की मृत्यु जूट/सुतरी की रस्सी से गला घोंटकर की गई होगी। मृतक की पहचान नहीं हो सकने पर मृतक का फोटो एवं हुलिया व्हाट्स एप के माध्यम से नजदीकी थाना प्रभारियों को प्रसारित किया जाकर पहचान पता करने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के शव का पंचनामा कार्यवाही पश्चात शव का पीएम डॉ टीम से कराया जाकर पी.एम. रिपोर्ट प्राप्त किया गया जिसमें डॉक्टर टीम द्वारा मृत्यु का कारण गला दबाने और श्वांस अवरूद्ध होने के कारण मृत्यु होना लेख होना लेख किया गया था। प्रथम द्रष्टया जाँच से अज्ञात मृतक को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतक का गला दबाने से मृतक की श्वांस अवरूद्ध होने पर मौत हो जाने तथा मृतक की मौत एवं साक्ष्य को छिपाने के लिये मृतक के शव का जूट के बोरी में भरकर सिलकर गोपद नदी में फेक दिया गया था, जिससे मृतक का शव गोपद नदीं में बहते हुए ग्राम ताल में बारमद हुई है। अतः अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 103(1), 238 बीएनएस का अपराध घटित करना पाये जाने पर अज्ञात आरोप के विरुध्द अपराध पंजीबद्द कर विवेचना में लिया गया।
फोटो देख थाने पंहुचा था भाई
विवेचना के क्रम सर्वप्रथम विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से गोपद नदी के सीमावर्ती ग्रामों के सरपंचो को प्रसारित किया गया जिसके परिणाम स्वरुप उक्त फोटो को देखकर दिनांक 15.07.2025 को एक व्यक्ति थाना लंघाडोल उपस्थित आया जिसने अपना नाम शिवप्रताप सिंह गोंड पिता स्व रामलाल सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मुकिल थाना कोटाडोल जिला एमसीबी छत्तिसगढ बताया। जिसने फोटो में मृतक के द्वारा पहने हुए कपड़ो एवं शरीर की बनावट से शव की पहचान अपने भाई लालबहादुर सिंह उर्फ भैयालाल सिंह गोंड पिता स्व रामलाल सिंह गोंड उम्र 35 वर्ष निवासी मुर्किल थाना कोटाडोल जिला एमसीबी छ.ग. के रुप में की गई। चूकी मृतक की हत्या की गई थी तथा पहचानकर्ता द्वारा मृतक की हत्या का शक स्वंय की बहन फूलमती सिंह उर्फ करिया लाठी के द्वारा किये जाने का संदेह व्यक्त किया गया। जिस बिन्दु को भी ध्यान में रखते हुए सायबर की सहायता से सभी विषयों पर विवेचना की गई। पुलिस की टीम मृतक के घर पहुचती है तथा मृतक के संबंध में घर में पूछताछ करती है तथा आस पड़ोस में पूछताछ में भी पूछताछ करने पर यह जानकारी मिलती है कि मृतक भैयालाल दिनांक 08.07.2025 से घर से लापता है उक्त दिनांक से एक हफ्ते पहले से मृतक के घर में दो व्यक्ति और थे वे भी उसी दिन से लापता है। मृतक के घर में घटना से एक हफ्ते पहले रुके दो व्यक्तियों कौन थे इस संबंध मृतक की बहन से पूछताछ की गई तो बहन के द्वारा साफ तौर मना किया गया की उसके घर में कोई व्यक्ति नहीं थी। संदेह होने पर सख्ती से पूछताछ करने पर बहन फूलमती सिंह के द्वारा स्वीकार करते हुए पुलिस को बताया गया कि मृतक गांजा एवं दारु पीने का आदी था आए दिन नशे में अपने बहन एवं मां से लड़ाई झगड़ा करता रहता था, कुछ महीने पर मृतक ने लडाई झगड़ा करके अपने मां का हाथ तोड दिया था। भाई भैयालाल के शराब और गांजा के लत से बहन फूलमती अत्यधिक परेशान हो चुकी थी जिस कारण से बहन के द्वारा अपने भाई को मारने का इरादा बनाकर दो अन्य व्यक्ति शिवकैलास सिंह एवं भूपत सिंह दोनो निवासी रोकड़ा थाना केल्हारी जिला एमसीबी को पैसा देकर भाई के मृत्यु के लिए हायर किया गया जो दिनांक 03.07.2025 से दिनांक 08.07.2025 तक मृतक के घर में रुके थे और दिनांक 08.07.2025 को दोपहर में सही मौका मिलने पर जब भैयालाल जब दारु पीकर बेशुध था तब दोनो के द्वारा मृतक का गला घोटकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर रात होने तक घर में ही छुपा कर रखा गया तथा रात होने पर शव जो बोरे में बंद था मोटरसाईकल में दोनो व्यक्ति बैठे और बोरे को बीच में रखकर गोपद नदी में ले जाकर बहा दिया गया। विवेचना के दौरान प्रकरण का मूल घटना स्थल मृतक का घर ग्राम मुर्किल थाना कोटाडोल जिला एमसीबी है। घटना स्थल से कई महत्वपूर्व साक्ष्य प्राप्त हुए है जिस बिन्दुओ पर भी विवेचना की जारी है। तीनो आरोपीगणों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता प्राप्त हो चुकी है जिन्हे दिनांक 30.07.2025 को गिरप्तार किया जाकर न्यायालय पेश किया गया है जो वर्तमान में जिला जेल वैढन में निरुद्ध है।
उक्त कार्रवाई में उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र धुर्वे (थाना प्रभारी लंघाडोल ), सउनि विश्वनाथ रावत, नंदकुमार सिंह, महिला सउनि संतोषी सिंह, प्रआर रामनाथ सिंह, पुष्पराज सिंह, राजकुमार प्रजापती, देवेन्द्र पाण्डेय, संतोष केवट, आर मेहन्द्र चौरसिया, संपत सिंह, आशीष पाल, महफूज खान, धर्मेन्द्र यादव, नीरज धानुक, ज्ञान सिंह, छत्तिसगढ पुलिस टीम -उपनिरीक्षक टिकेश्वर यादव (थाना प्रभारी केल्हारी), आर तेजप्रताप सिंह की महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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