गोड्डा
हनवारा में नए थाना भवन को लेकर साइन आलम ने किया आमरण आनशन लोगों का मिला अपार समर्थन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : गोड्डा जिला के हनवारा मे नए थाना भवन के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता साइन आलम के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीण 10 सितंबर को हनवारा के मिल्की चौक पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नया थाना भवन बनना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि 22 दिसंबर 2024 को भी यहां एक दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। उस समय सुरक्षा अधिकारी ने भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने की बात कहीं थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कुछ भी नहीं हुआ। साइन आलम ने चेतावनी दी है कि जब तक भूमि चिन्हित नहीं होगी और निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार आंदोलन के दौरान हजारों ग्रामीण हिस्सा ले रहे हैं और यदि मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन और अधिक सशक्त रूप ले सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हनवारा क्षेत्र एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र है, जहां सप्ताह में तीन दिन हाट लगता है और बिहार-झारखंड सीमा होने के कारण सुरक्षा के प्रति सावधानी बेहद जरूरी है। थाना भवन की अनुपस्थिति में स्थानीय प्रशासनिक कार्य सामुदायिक भवन के दो कमरों में चल रहे हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पुलिसकर्मियों के रहने के लिए सरकारी आवास नहीं है, और शौचालय, लॉकअप जैसी सुविधाएं भी अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं।
ग्रामीण यह भी आरोप लगाते हैं कि प्रशासन बार-बार आश्वासन देकर समय काट रहा है। वे जोर देकर कहते हैं कि नया थाना भवन केवल हनवारा क्षेत्र में ही होना चाहिए क्योंकि अन्यत्र स्थानांतरित करने से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ेगी। इस क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी साइन आलम के साथ इस आंदोलन में शामिल हैं और वे प्रशासन को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि हनवारा के लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए वे सड़क पर उतरकर अपनी मांगें पूरा कराएंगे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि वे अब केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और प्रशासन से लिखित आदेश एवं तेजी से कार्रवाई की मांग की है। यदि प्रशासन ने उनकी न्यायसंगत माँगें पूरी नहीं कीं, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक और सशक्त होकर जारी रहेगा।



