ब्लाक संसाधन केंद्र पर आयोजित किया गया पैरेंट्स कौंसिंलिंग कार्यक्रम
दिव्यांग बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं, उचित मार्गदर्शन जरूरी

स्कूल न पहुंच पाने वाले बच्चों के लिए सरकार ने होम बेस्ड एजूकेशन की व्यवस्था की
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। शनिवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र भादर में दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए पैरेंट्स कौंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों को दिव्यांग बच्चों के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई शैक्षिक सुविधाओं के साथ दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार ने किया।
स्पेशल एजूकेटर सत्य प्रकाश मिश्र की ओर से प्रस्तुत वाणी वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
संजीव कुमार ने कहा कि दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं , उन्हें उनकी रुचि के अनुसार शैक्षिक वातावरण देने की जरूरत है।बालपन को ध्यान में रखते हुए कक्षा शिक्षण के लिए सरकार की ओर शिक्षकों को समय समय पर प्रशिक्षण दिए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 2011में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया में एक अरब बच्चे दिव्यांगता से प्रभावित है। 90प्रतिशत दिव्यांग बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। ऐसे दिव्यांग बच्चे जो स्कूल जा सकते हैं, उन्हें अभिभावक स्कूल जरूर पहुंचाए।जो दिव्यांग बच्चे स्कूल नहीं जा सकते उनके लिए सरकार की ओर से होम बेस्ड एजूकेशन की व्यवस्था की है। सभी विकास खंडों में तीन चार स्पेशल एजूकेटर नियुक्त किए गए हैं।
स्पेशल एजूकेटर सत्य प्रकाश मिश्र ने कहा कि पांच साल तक की उम्र बच्चों के खेलने कूदने की उम्र होती है,,इस उम्र में बच्चों के ऊपर बस्ते का बोझ लादने से उनके मानसिक विकास पर असर पड़ता है,तमाम बच्चे आगे चलकर कमजोर हो जाते हैं।छः वर्ष की आयु पूरी होने पर ही अभिभावक स्कूलों में बच्चों का नामांकन कराएं, बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई की निगरानी करते रहें। उन्होंने अभिभावकों को जन्म प्रमाण पत्र और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के बारे में जानकारी दी और कहा कि स्वावलंबन वेबसाईट पर आवेदन करने से बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र निशुल्क जारी किए जा रहे हैं। स्पेशल एजूकेटर प्रदीप कुमार ने संग्रामपुर के दो गंभीर और बहु दिव्यांग बच्चों की केस स्टडी की जानकारी देने के साथ अभिभावकों को दिव्यांग बच्चों के साथ स्वयं समय देने और नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
स्पेशल एजूकेटर आभा पाठक और अंजलि पाठक ने बाल विकास के छः प्रमुख घटकों -6-f,कार्य , परिवार, फिटनेस, मनोरंजन, मित्र और भविष्य के बारे में जानकारी दी।
शीतला प्रसाद, शिवकरन गुप्ता, रीता,राम निहोरा, गीता कुमारी,किरन देवी,किरन पाल, गायत्री ,मंजू,राम लखन मिश्र आदि अभिभावक मौजूद रहे।
दिव्यांग बच्चों के शैक्षिक प्रोत्साहन के लिए उपलब्ध सुविधाएं -एक नजर
स्पेशल एजूकेटर्स, मेडिकल एसेसमेंट, सहायक उपकरण,सुगम वर्कशीट,होम बेस्ड एजूकेशन,ब्रेल बुक्स,एन्लार्ज प्रिन्ट बुक्स,ब्रेल स्टेशनरी मैटेरियल, दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रवृत्ति -2000रु,बहु दिव्यांग गंभीर बच्चों के लिए छात्रवृत्ति -6000रु वार्षिक

