मुरादाबाद
स्वदेशी मेला 2025: मुरादाबाद में आठवें दिन का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। नुमाइश ग्राउंड पंचायत भवन में चल रहे स्वदेशी मेला-2025 के आठवें दिन का आयोजन 16 अक्टूबर 2025 को अपार जनसमूह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मेला युवा उद्यमियों को नवोन्मेषी विचारों के साथ आगे बढ़ने का मंच दे रहा
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री साई कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी मेला न केवल एक प्रदर्शनी है, बल्कि यह हमारे देश की मिट्टी की खुशबू है। यह मेला युवा उद्यमियों को नवोन्मेषी विचारों के साथ आगे बढ़ने का मंच दे रहा है।
मेले में विभिन्न उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाकर स्वदेशी उत्पादों की समृद्ध परंपरा और नवाचार का प्रदर्शन किया। कमलेश जी ने “शिव मोमबत्ती” के नाम से आकर्षक मोमबत्तियों का स्टॉल लगाया, जबकि जगदीश कुमार मौर्य जी ने “J K Honey” के नाम से विभिन्न प्रकार के शुद्ध शहद प्रदर्शित किए। नीरज जी ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लेडीज़ सूट का स्टॉल लगाया, जिसमें बारीक कढ़ाई वाले सूट प्रदर्शित किए गए। अफ़ज़ल जी ने “ज़रीन इंटरनेशनल” के नाम से आयरन के स्टैंडिंग और हैंगिंग कैंडल स्टैंड प्रदर्शित किए, और फैसल अली जी ने “फैसल हैंडीक्राफ्ट” के नाम से लैम्प, वॉल आर्ट, और दीपावली के सजावटी सामान प्रदर्शित किए।
मेले में आगंतुकों की भारी संख्या को देखते हुए स्टॉलों पर विशेष व्यवस्था की गई
मेले में दीपावली के उत्पादों, विशेष रूप से मिट्टी के दीयों और पारंपरिक सजावटी वस्तुओं की मांग शिखर पर रही। यह मेला उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, जो उद्यमियों को एक व्यापक मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (MYUVA) के तहत ऋण प्राप्त कर उद्यम शुरू करने वाले युवाओं ने भी अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन किया।
यह स्वदेशी मेला 09 से 18 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जो स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है। मेले में आगंतुकों की भारी संख्या को देखते हुए स्टॉलों पर विशेष व्यवस्था की गई है, जो स्वदेशी उत्पादों की लोकप्रियता को दर्शाता है। यह आयोजन न केवल स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।




