पत्थर खदान में हेवी ब्लास्टिंग से लोगों के घर हुए क्षतिग्रस्त, निजी सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प
Heavy blasting at a stone quarry damaged homes, leading to a heated clash between private security personnel and villagers.
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिले के हिरणपुर प्रखण्ड के बेलपहाड़ी गांव में हुए एक बड़े विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह ब्लास्टिंग आबादी वाले बस्ती से महज कुछ ही दूरी पर अवस्थित एक पत्थर खदान में की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि ब्लास्टिंग इतनी जोरदार थी कि पत्थरों के भारी टुकड़े हवा में उड़कर आसपास के घरों पर जा गिरे, इस दौरान कई घरों की दीवारें व छतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ लोगों को चोटें भी आई। अचानक हुए धमाके से पूरे गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए ग्रामीण खदान स्थल पर पहुंच गये। ग्रामीणोंं के द्वारा जोरदार नारेबाजी करते हुए खदान प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और ग्रामीणों ने खदान परिसर में तोड़फोड़ कर दी। बताया जा रहा है कि तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब पत्थर खदान स्वामी के निजी सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी और धक्का-मुक्की होती रही। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में अक्सर बिना किसी पूर्व सूचना के तेज़ ब्लास्टिंग की जाती है, जिससे घरों में दरारें आ गई हैं और लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से खदान की जांच कराने और नुकसान की भरपाई की मांग की है। वही प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बहरहाल जो भी आखिर प्रशासन आबादी वाले बस्ती के समीप पत्थर खदान की इजाजत किस नियम और सुरक्षा के तहत दे रखा है? ब्लास्टिंग की गुंजाइश ग्रामीण एवं निजी सुरक्षा कर्मी के दरमियान झड़प और फिर तोड़-फोड़ कैसे?



