गाजियाबाद
तुलसी दिवस कार्यक्रम में संस्कार-अनुशासन की नसीहत देने वाले नेता कुछ ही देर बाद फोटोशूट में उलझे,
मंच पर शिष्टाचार गायब

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद। योग वेदांत सेवा समिति लोनी द्वारा आयोजित तुलसी दिवस कार्यक्रम में जहां एक ओर वक्ताओं द्वारा संस्कार, अनुशासन और समाजिक मर्यादा पर लंबे-लंबे भाषण दिए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर उसी मंच पर कुछ नेता इन बातों को व्यवहार में उतारने के बजाय फोटो खिंचवाने में अधिक रुचि लेते नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान जब वक्ता महीपाल जांगिड़ अपने विचार रख रहे थे, तो अपेक्षा थी कि मंच पर बैठे नेता ध्यानपूर्वक वक्तव्य सुनेंगे। लेकिन इसके बजाय कुछ नेता मंच के सामने जाकर कैमरों के सामने पोज़ देने में व्यस्त हो गए — मानो कार्यक्रम का मूल उद्देश्य वक्तव्य नहीं, बल्कि फोटो एलबम तैयार करना हो।
व्यंग्यपूर्ण स्थिति तब बनी जब यही नेता थोड़ी देर पहले मंच से अनुशासन, संस्कार और समाजिक मर्यादा का गुणगान कर रहे थे, और अगले ही पल वही लोग मंचीय मर्यादा भंग कर फोटोशूट में मशगूल दिखाई दिए। उपस्थितजनों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बन गया कि —
“आख़िर उनके संस्कार और अनुशासन कुछ ही मिनटों में कहां गुम हो गए?”
फोटो खिंचवाने में आगे दिखाई देने वाले नेताओं में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल प्रधान, नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष विनोद बंसल, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रमेन्द्र जांगड़ा, सभासद रामनिवास त्रिपाठी सहित कुछ अन्य नेता शामिल बताए गए।
कई दर्शकों ने कार्यक्रम के बीच चल रहे इस फोटो सत्र पर टिप्पणी व तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। लोगों का कहना था कि
“जब मंच पर वक्ता बोल रहे हों, तब नेताओं का कैमरे के सामने लाइन में खड़ा होना न केवल वक्ता के प्रति असम्मान है, बल्कि यह ‘संस्कार’ के उन दावों का भी मज़ाक उड़ाता है, जिनकी वे स्वयं वकालत कर रहे थे।”
कार्यक्रम के समापन के बाद भी यह घटना उपस्थित लोगों के बीच चर्चा में रही, और कई लोगों ने इसे “तुलसी दिवस नहीं, फोटो दिवस” कहकर व्यंग्य किया।

