शामली

पंचायत सचिव का सहायक करता है सचिव के फर्जी हस्ताक्षर 

प्रदेश सरकार के आदेश के बाद भी सरकारी दफ्तरों में कर रहे प्राइवेट कर्मचारी कार्य 

जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था पर लगा रहे सवालिया निशान
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कांधला। एक और जहां प्रदेश सरकार के द्वारा सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मचारियों के रखने पर पाबंदी लगाते हुए सख्त रूख अपनाएं हुए है। वही दूसरी और सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए सारा कार्य प्राइवेट कर्मचारियों से करा रहे है, जो जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहे है।
नगर के खण्ड विकास कार्यालय व ग्राम पंचायत सचिवालय में ग्राम गंगेरू के पंचायत सचिव अनिल कुमार की दबंगता व हठधर्मिता के द्वारा सरकार के आदेशों की अवहेलना कर अपने कार्यालय को प्राइवेट कर्मचारी को सुपुर्द कर दिया गया है। लापरवाही का आलम यह है कि ग्राम पंचायत सचिव की गैर मौजूदगी में प्राइवेट कर्मचारी उनकी कुर्सी पर बैठकर ग्राम पंचायत का काम देखते है, बल्कि ग्राम पंचायत सचिव अनिल कुमार की गैर मौजूदगी में प्राइवेट कर्मचारी पंकज कुमार खुद ही ग्राम पंचायत सचिव का कार्यभार संभालते हुए उनके हस्ताक्षर भी खुद ही कर रहे है। उक्त मामला जब प्रकाश में आया है जब गांव गंगेरू निवासी इस्तखार पुत्र मौ0 युनुस के द्वारा पंचायत सचिवालय में जाकर अपना परिवार रजिस्ट्रर बनवाना चाहा तो वहां पर ग्राम पंचायत सचिव अनिल कुमार गैर मौजूद थे। जिस पर इस्तखार ने ग्राम पंचायत सचिव को फोन करके अपनी समस्या बताते हुए परिवार रजिस्ट्रर की मांग की तो उन्होंने बताया कि वह आज उससे नही मिल पायेगें, कल सुबह उसका कार्य हो पायेगा, अगर ज्यादा जरूरी है तो वह कांधला विकास खण्ड परिसर में स्थित उनके कार्यालय पर जाकर वहां मौजूद उनके सहायक कर्मचारी पंकज कुमार से मिल ले ओर पंकज उनके हस्ताक्षर करके उसका परिवार रजिस्ट्रर तैयार कर देगा। जब इस्तखार ने ग्राम पंचायत सचिव से पूछा क्या सहायक पंकज आपके हस्ताक्षर करेगा तो उनका उत्तर था हां कर देगा उसमें क्या बडी बात है। जिसके बाद इस्तखार कांधला विकास खण्ड परिसर में उनके कार्यालय पर पहुंचा तो वहां पर उनका सहायक पंकज उनकी कुर्सी पर बैठा मिला और उनसे ग्राम पंचायत सचिव की गैर मौजूदगी में परिवार रजिस्ट्रर तैयार कर उनके फर्जी हस्ताक्षर करते हुए परिवार रजिस्ट्रर तैयार कर इस्तखार को सौंप दिया। इस्तखार का आरोप है कि यह एक बेहद ही गंभीर मामला है, जब एक सहायक पंचायत सचिव के फर्जी हस्ताक्षर करके एक सरकारी कागज तैयार करके दे रहा है, कल अगर किसी कारण से यह दस्तवाजे किसी सरकारी जांच के दौरान कुछ त्रुटि पायी जाती है तो उस दौरान पंचायत सचिव उस पर अपने हस्ताक्षर ना होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाडकर उल्टा उसे ही दोषी साबित कर देगें। ऐसे में यह सरकारी कार्यप्रणाली पर एक गंभीर प्रश्न चिन्ह है, पीडित ने सरकारी कार्यालय में बैठे निजी सहायक पंकज कुमार के फर्जी हस्ताक्षर करते हुए फोटो खीचने के साथ पंचायत सचिव के द्वारा पंकज से अपने हस्ताक्षर कराने की काॅल रिकाॅर्डिंग कर ली है। पीड़ित जल्द ही मामले को लेकर जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें सबूत देते हुए कार्यवाही की मांग करेगा।
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