बागपत
संविधान की आत्मा पर हमला बर्दाश्त नहीं : नवाब अहमद हमीद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अहम संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्दों को हटाने की हालिया बहस को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में देश भर से संविधान विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, और राजनेता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य संविधान की मूल भावना को सुदृढ़ करना और यह सुनिश्चित करना था कि धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे मूलभूत सिद्धांत किसी भी राजनीतिक एजेंडे की भेंट न चढ़ें। इस मौके पर बागपत के रहने वाले कांग्रेस के उत्तर प्रदेश महासचिव नवाब अहमद हमीद ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द हटाने की साजिश देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है। यह देश को उस दिशा में ले जाने का प्रयास है, जो न गांधी की है, न अंबेडकर की, न संविधान की। कांग्रेस इसके खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि धर्मनिरपेक्षता हमारे संविधान की रीढ़ है। अगर इसे कमजोर किया गया, तो देश की एकता और अखंडता पर खतरा मंडराने लगेगा। समाजवाद का अर्थ समान अवसर और न्याय है। यह केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की दिशा है। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इन मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।



