खैरथल
जर्जर इमारतों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई! सीलिंग या ध्वस्तीकरण तय, जिम्मेदारों पर शिकंजा कसेगा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल-तिजारा : राज्य सरकार ने आदेश जारी कर शहरी निकायों को जर्जर, असुरक्षित भवनों की पहचान कर उसे सील या ध्वस्त करना होगा। पालना रिपोर्ट 5 अगस्त तक विभाग को भेजनी है। अब जर्जर इमारत गिरने से हादसा हुआ तो निकाय के आयुक्त, अधिशासी अधिकारी पर एक्शन होगा।आदेश की पालना के तहत खैरथल शहर में स्थित जर्जर एवं खंडहरनुमा भवनों का गुरुवार को नगर परिषद खैरथल की टीम ने निरीक्षण किया। नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा के नेतृत्व में टीम ने पुरानी आबादी स्थित गांधी चौक,परी माता मंदिर,भेरू वाली स्कूल,भक्तों क मोहल्ला,यादव मोहल्ला और लाल किला परिसर, अंडर ब्रिज के पास सहित कई स्थानों पर पुराने भवनों की जांच की।निरीक्षण के दौरान टीम ने उन भवनों को चिन्हित किया,जो कभी भी गिरकर हादसे का कारण बन सकते हैं। इनमें कुछ सरकारी विद्यालय,आंगनबाड़ी केंद्र और परित्यक्त सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं। नगर परिषद ने सात जर्जर भवन मालिकों को निर्देश दिया कि खतरनाक स्थिति वाले निजी भवनों के मालिक इन्हें शीघ्र गिरा दें, अन्यथा परिषद द्वारा गिराने की कार्रवाई की जाएगी।आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों को तुरंत चिन्हित कर हादसों से बचाव किया जाए। सरकारी भवनों की मरम्मत और मजबूती का कार्य शीघ्र कराया जाएगा, जबकि पूरी तरह जर्जर और गिरने की स्थिति वाले निजी मकानों को खाली कर गिराया जाएगा।निरीक्षण टीम में कनिष्ठ अभियंता मोतीलाल वर्मा, कमलेश मोहन सहित नगर परिषद के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

