धनबाद

बाघमारा क्षेत्र में कोयला माफियाओं को खुली चुनौती देने वाला रियल हीरो कौन

Who is the real hero who openly challenged the coal mafia in Baghmara area

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। कुछ विपक्ष के लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा है कि बाघमारा का रियल शेर जो कोयला माफियाओं को दिन में तारे दिखा दे वह अब तक कहां सोया हुआ है हालांकि यह बात कहीं ना कहीं ठीक बैठती है क्योंकि इतना बड़ा हादसा बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में घटित हो गया है और कोई इस विषय को गंभीरता नहीं लिया, केवल जमशेदपुर के विधायक और गिरिडीह के संसद के अलावे अब यह तो सोचने में मजबूर कर देता है। बाघमारा क्षेत्र में अब तक कई ऐसी चाल धंसने की घटना सामने आई है, पर हर बार लीपा पोती का काम हुआ है और कोयला माफियाओं को मनोबल बढ़ाने का काम किया गया है। पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन सब जानकर भी खामोश बैठी है। आखिर क्यों कोयला माफियाओं को और ज्यादा मनोबल बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि अब मानवता मर चुकी है, पैसों के बल पर लाशों का सौदाबादी होता है और उससे भी भयावाह रूप तब होगा जब लोगों के खून से कोयला माफिया कोयला का व्यवसाय करेंगे। क्या बाघमारा जैसे माटी में ऐसा सपूत पैदा नहीं हुआ कि ऐसी घटित घटनाओं को पूर्ण विराम लगा सके। लोग यह भी कह रहे हैं कि एक युवा विधायक बहुत तेजी से पूरे झारखंड में उभरा है, वह भी कभी कहते थे ना गलत होने देंगे और ना गलत करेंगे, फिर क्या ऐसी स्थिति आई कि कोई भी इतनी बड़ी घटनाओं को चुपचाप देख सुन रहा है, अभी- अभी बात करेंगे तो झारखण्ड के कोने पूर्वी जमशेदपुर से विधायक सरयू राय और गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी बाघमारा क्षेत्र में घुसकर कोयला माफिया को खुली चुनौती दे डाली और दबे हुए लाशों को निकालने के लिए जांच की मांग कर दी।वरना वहां पर कई लोगों की समाधिया बन जाती। तो रियल नेता कौन ? जब बाघमारा में घटना घटे और अन्य विधानसभा से बाघमारा में आकर कोयला माफियाओं को खुली चुनौती दे तो असली रियल हीरो किसे मानेंगे लोग? सिर्फ स्कॉर्पियो में बैठकर बड़े-बड़े जुमले बोलने से रियल हीरो नहीं बन जाते बल्कि खुले मैदान में जो माफियाओं से नजर से नजर मिलाकर गर्जना स्वर में खुली चुनौती दे, वही वास्तव में रियल हीरो होते हैं। फिलहाल वक्त केसर कला जहां पर घटना घटित हुई थी, वहां पर एनडीआरएफ के कर्मी एवं अधिकारी मुहाना खोलकर लाश की खोज करने में जुटे हैं। लेकिन काम में तेजी नहीं हो पाने के कारण जो कल स्थिति था वह आज भी वैसा ही देखने को मिल रहा है। अब ये देखना है की कब तक की सफल हो पाते हैं या फिर लाश समाधि स्थल बन कर रह जायेगा । हालांकि इसको लेकर सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने केसरगढ़ बसंती चौक में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया है आप संवाददाता सम्मेलन में वह क्या निर्णय ले यह सुन्ना अब बाकी है।

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