बरेली
पर्यटन के रूप में विकसित होगी लीलौर झील ‘द्रौपदी थीम पार्क’ भी बनेगा

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। आंवला स्थित ऐतिहासिक लीलौर झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने झील के पुनरोद्धार कार्य का शुभारंभ हवन-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में झील के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे यक्ष सरोवर के रूप में स्थापित करने की बात कही गई। प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यह झील केवल जलाशय नहीं, बल्कि महाभारतकालीन धरोहर है। उन्होंने बताया कि अहिच्छत्र नगरी की यह झील वह स्थल है जहां युधिष्ठिर और यक्ष का संवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि प्रदेश की प्राचीन झीलों और नदियों को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित किया जाए।
डीएम के मागदर्शन में मूर्त रूप ले रही परियोजना
डीएम बरेली अविनाश सिंह के मार्गदर्शन में इस परियोजना को तेजी से मूर्त रूप दिया जा रहा है। बरेली में तैनाती के कुछ ही समय में डीएम अविनाश सिंह ने जनपद को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए लगातार सार्थक प्रयास किए हैं। लीलौर झील का पुनरोद्धार उन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। डीएम ने बताया कि बदायूं की सरसोता झील के बाद लीलौर झील क्षेत्र की दूसरी सबसे प्राचीन झील है। उनका प्रयास है कि इसे पूरी तरह पुनर्जीवित कर यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।




