झुंझुनू
संत रैदास की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। संत शिरोमणी गुरु रैदास की जयंती पर संत रैदास का समता मूलक समाज और आज का भारत विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन सर्वहारा जन मोर्चा, झुंझुनूं के बैनर तले भगतसिंह पार्क, इन्दिरा नगर झुंझुनूं में इंजीनियर मालीराम जी वर्मा की अध्यक्षता में किया गया। सर्व प्रथम रैदास के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विचार गोष्ठी में विचार विमर्श करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बेगमपुरा संत रैदास द्वारा स्थापित एक ऐसे आध्यात्मिक और समाजवादी समाज की परिकल्पना है जहां समाज वर्ग, वर्ण और जाति व अन्य सभी तरह के सामाजिक भेदों से मुक्त हो। लेकिन इस परिकल्पना को हकीकत में बदलने के लिए श्रम के शोषण और निजी सम्पत्ति पर आधारित समाज व्यवस्था के स्थान पर श्रम के शोषण और निजी सम्पत्ति से मुक्त व्यवस्था परिवर्तन की दरकार होगी। इसके लिए रैदास की बेगमपुरा से सम्बंधित आध्यात्मिक परिकल्पना को वर्ग चेतना पर आधारित वर्ग संघर्षों में तब्दील करना जरूरी होगा। इसके बिना रैदास की बेगमपुरा की परिकल्पना को साकार नहीं किया जा सकता। मार्क्स ने रैदास द्वारा बेगमपुरा से सम्बंधित आध्यात्मिक परिकल्पना को ठोस, वास्तविक और भौतिक आधार प्रदान किया। आज की तेजी के साथ बदलती हुई शोषणकारी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में मार्क्स द्वारा स्थापित ऐतिहासिक और द्वंदात्मक भौतिकवादी दर्शन के माध्यम से ही रैदास द्वारा परिकल्पित समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित बेगमपुरा को वास्तविक, ठोस और साकार रूप दिया जा सकता है। विचार गोष्ठी में सर्वहारा जन मोर्चा के बजरंग लाल एडवोकेट, महेश चौमाल,लियाकत अली, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा डॉक्टर जगदीश बरवड़, दयानंद यादव, शुभकरण महला, बालाराम मेघवाल, फूलचंद बुडानिया, सहदेव कसवां, लीलाधर डिगरवाल, बलवान बलवदा ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर रामनिवास बेनीवाल, धर्मपाल सिंह डारा, भगतसिंह कालेर, बनवारीलाल, त्रिलोक सिंह, रामदेव सिंह, आसपा नेता महेन्द्र सिंह चारावास, रामनारायण झाझडिया, ओमप्रकाश तेतरवाल, अजीतसिंह फौगाट, सदाकत अली, रामजीलाल झाझडिया, रामकुमार हरिपुरा के अलावा अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। संचालन बजरंग लाल एडवोकेट ने किया।


