सिंगरौली
ज़िले में खड़ी धान की फसल मोंथा चक्रवात से हुई बर्बाद
सिंगरौली विधायक रामनिवास ने फसल का सर्वे कर मुआवजा दिलाये जाने की मांग

चक्रवात ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, फसल हुई खराब
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिले में हुई अच्छी धान की फसल से जहां किसानों के चेहरे खिले हुये थे। यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं चली और लगभग 4 दिन से लगातार हो रही रूक रूककर बारिश ने खेत में खड़ी धान की फसल अब पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर कुछ दिन अगर ऐसा ही चला तो किसानों को खासा नुकसान हो सकता है। इस नुकसान को देखते हुये सिंगरौली विधायक रामनिवास से कलेक्टर से अतिवृष्टि से नष्ट हुई खरीब की फसलों की जांच कराकर किसानों को सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने आगे कहा कि जिले में विगत 4 दिवस से लगातार अतिवृष्टि होने से मकान, बाउण्ड्रीबाल, पेड़-पौधे इत्यादि क्षतिग्रस्त होने के साथ ही खरीफ की फसल नष्ट होने की संभावना है जिससे जॉच कराया जाकर हितग्राहियों एवं किसानों को सहायता राशि प्रदान किया जाना आवश्यक है जिससे जाँच कर सहायता राशि प्रदान किया जाना उचित होगा। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कराया कि जिले के राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों के दल का गठन कराया जाकर जॉच कर हितग्राहियों एवं किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें।
आपको बता दें कि जिले की तीनो विधानसभा सिंगरौली, चितरंगी एवं देवसर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में तेज बारिश के चलते धान की फसले खेतों में ही तैरने लगी हैं। इस बारिश से किसानों में हाय तौबा मचने लगी है। वहीं कांग्रेस नेता ने बीते दिन कलेक्ट्रेड पहुंच जिला प्रशासन के यहां प्रभावित किसानों को राहत राशि मुहैया कराने ज्ञापन पत्र भी दिया है।
गौरतलब है कि ऊर्जाधानी में पिछले तीन दिनों से मोंथा चक्रवाती तूफान के चलते रूक-रूक कर हो रही बारिश से किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। आलम यह है कि तेज बारिश के चलते हर्रहवा क्षेत्र, देवसर तहसील क्षेत्र के सहुआर, हर्राचंदेल, कटौली, धनहा, खंधौली, चटनिहा अधिकांश गांव एवं चितरंगी तहसील क्षे के धवई, हरफरी, खम्हरिया कला, चोलार, गीर, पिड़रिया, देवरी, दरवारी, खैरा, बरहट, विजयपुर, मनिकपुर, धरौली तथा दुधमनिया तहसील क्षेत्र के बगैया, पोड़ी, बरगवां, कतिरहार, कपूरदेई समेत कई गांवों में हुई चक्रवाती तूफान से बारिश एवं तेज हवाओं से खेतो में खरीफ की फसले तैरने लगी हैं। यहां तक कि धान की फसले खेतो में कट गई थी, वह भी खलिहानों में न पहुंचने के कारण पानी में तैर रही हैं। जिससे अन्नदाता बेहद चिंतित नजर आने लगे हैं। हालांकि अभी भी बारिश का क्रम जारी है। किसान अनुमान लगा रहे हैं कि इस बारिश से धान समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं किसान कांग्रेस ग्रामीण एवं किसान संघर्ष समिति जिला सिंगरौली के नेता अशोक पैगाम ने प्रभावित गांवो का जायजा भी लिया और किसानों को राहत राशि मुहैया कराने की मांग की है।
कांग्रेस नेता अशोक पैगाम के अनुसार चितरंगी व देवसर एवं दुधमनिया तहसील के सैकड़ों गांव के किसानों का धान का फसल समेत अन्य कई गांवों का फसलों का नुकसान हुआ है। अभी बारिश हो रही है। इधर पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से नुकसान फसलों का आंकलन कराने के लिए राजस्व अधिकारी अभी तक संवेदनशील दिखाई नही दिये हैं। इतना ही नही क्षेत्र के विधायको को भी अभी तक पीड़ित किसानों प्रति हमदर्दी नही दिखी है और न ही भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधियों ने अन्नदाताओं के बीच पहुंच प्रभावित फसलों का मुआयना भी नही किये। ऐसे में अन्नदाताओं की शासन एवं प्रशासन के प्रति नाराजगी स्वाभाविक मानी जा रही है। अधिकारी इस मामले में जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं।
ओलावृष्टि को लेकर कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
इन समस्याओं को लेकर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन कांग्रेस पार्टी के किसान कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक पैगाम के साथ राजकुमार दिपांकर ने कलेक्टर को पॉच बिन्दुओं का अलग-अलग ज्ञापन सौपा है। असामयिक अतिवृद्धि से नुकसान फसलों का सर्वे कराकर किसानों को क्षतिपूति राहत राशि दिलाने एवं होटल, ढाबो व ठेलों घरेलू गैस के उपयोग व कालाबाजारी पर रोक लगाये जाने, जनपद पंचायत चितरंगी के प्रांगण में करीब 15 वर्षो से निर्मित शॉपिंग दुकानों की बोली कर आवंटन कराये जाने, विद्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर शराब एवं अन्य नशीले पदार्थो का विक्रय किया जा रहा है। इतना ही नही साप्ताहिक बाजारों में दिनमान शराब माफिया शराब के सप्लाई पर रोक लगाई जाये। साथ ही साप्ताहिक बाजारों को मुख्य मार्ग व सर्विस रोड से अन्यंत्र व्यवस्थित ढंग से तय समय सीमा में संचालन कराये जाने की मांग की है।
भारी बारिश के कारण किसानों का धान का फसले खेतों में सड़ रही
कांग्रेस नेता ने डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन से अनुरोध है कि वे मौसम एवं भारी बारिश के कारण किसानों का धान का फसले खेतों में सड़ रही है। राजस्व अमले को मौके पर भेज कर रिपोर्ट तैयार करें। ताकि किसानों को आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाए। इसी तरह खरीफ की फसल मक्का, समां, कोदो, ज्वार, बाजरा, तिली, उड़द, अरहर, दलहन-तिलहन दोनों फसलें बर्बाद हो गई हैं। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार डॉ. मोहन यादव को किसानों के प्रति कोई चिंता नहीं है, किसान आत्महत्या करने के मजबूर हो रहे हैं। जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुये कहा है कि तत्काल राजस्व अमले को भेज कर रिपोर्ट तैयार करें। अन्यथा किसान कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।



