एंबुलेंस के इंतज़ार में तड़पती रही बच्ची के मौत पर परिजनों का आरोप
सिविल सर्जन बोले : सदर अस्पताल में एंबुलेंस की उपलब्धता है, दो अपना एंबुलेंस भी है उपलब्ध
बोआरीओर। एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती रही बच्ची के मौत पर परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल में उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पाया और एंबुलेंस 108 की भी सुविधा नहीं मिल पाई। इस संदर्भ में सिविल सर्जन डॉ. अनंत कुमार झा ने कहा कि सदर अस्पताल में एंबुलेंस की उपलब्धता है। हमारा अपना भी दो सरकारी एंबुलेंस है। लेकिन चुंंकी सरकार के द्वारा एंबुलेंस 108 की व्यवस्था की गई है। जो की सम्मान फाउंडेशन के द्वारा संचालित है। मैंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से बात की है। उपाधीक्षक के द्वारा बताया गया कि मरीज को जब अस्पताल से रेफर किया गया तो इस सलाह के साथ रेफर किया गया कि आप 108 एंबुलेंस में कॉल कर लीजिए और निशुल्क सुविधा का लाभ लीजिए। इसके पश्चात वे लोग यहां से रेफरल स्लिप लेकर चले गए। कुछ देर बाद पुन लौट कर आए थे कि अल्ट्रासाउंड करने के पश्चात जाएंगे। करीब 1 घंटे के बाद वे लोग रेफरल स्लिप लेकर चले गए और इसकी कोई सूचना नहीं दी गई, एंबुलेंस मिल पा रहा है या नहीं मिल पा रहा है। और इसकी सूचना संस्थान को नहीं मिल पाए जिससे कि वैकल्पिक व्यवस्था उन्हें दी जा सके। कुछ लोगों के द्वारा कहा जा रहा है कि एंबुलेंस 108 की सुविधा हड़ताल पर थी। लेकिन एंबुलेंस 108 की सुविधा हड़ताल पर नहीं थी। यहां के कोऑर्डिनेटर से संपर्क स्थापित किया गया तो उन्होंने भी बताया कि यहां पर एंबुलेंस 108 की सुविधा हड़ताल पर नहीं है। जहां तक इस घटना से जुड़ा बात है तो सम्मान फाउंडेशन से मांगा गया है कि जब कॉल किया गया था तो आपके द्वारा यह सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया। उनके द्वारा जवाब अभी प्राप्त नहीं हुआ है।



