जामताड़ा
समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए हूल करने की आवश्यकता:उपायुक्त रविआनंद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जामताड़ा : जिले के गांधी मैदान स्थित सिद्धू कान्हू की प्रतिमा पर धूमधाम और पारंपरिक वाध यंत्रों के साथ हूल दिवस मनाया गया। इस दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद उप विकास आयुक्त निरंज नकुमार परियोजना निदेशक ITDA, अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य के साथ संताल हूल के महान अमर सेनानी सिद्धू कान्हू, चांद भैरव सहित सभी अमर सेनानियों के शहादत दिवस के अवसर पर गांधी मैदान जामताड़ा स्थित सिद्धू कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हूल शब्द का यही अर्थ निकाल सकते हैं कि समाज में जितनी भी कुरीतियां हैं, उनको जड़ से समाप्त करने के लिए हमलोगों को हूल करना होगा। सामाजिक कुरीतियां नशा हो, दहेज हो, बाल विवाह हो या अन्य सभी सामाजिक कुरीतियों को किस प्रकार हमलोग दूर करें, किस प्रकार दूर करने के लिए आवाज उठाएं, इसे समझना होगा।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि जिस प्रकार संताल हूल के महानायकों सिद्धू कान्हू आदि ने अंग्रेजों को 1855 में दांत खट्टे किए, कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई, अपना बलिदान दिया। उनके बलिदानों को याद करते हुए हम लोगों को यह संकल्प लेना होगा कि समाज से कुरीतियां दूर हो, हमारा समाज विकासशील बन सके।हूल दिवस झारखंड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह दिवस सिद्धू कान्हू और उनके भाई द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने और देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने की याद में मनाया जाता है। इस दिन सैकड़ों गांवों के हजारों की संख्या में लोग साहिबगंज जिले के भोगनाडीह गांव पहुंचकर अंग्रेजों से आमने-सामने की जंग का एलान कर दिया। सिद्धू कान्हू और चांद भैरव के नेतृत्व में तब संथालों ने मालगुजारी नहीं देने और अंग्रेज हमारी माटी छोड़ो का जोर-शोर से एलान किया।
उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक ITDA, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी जामताड़ा, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।



