बागपत

स्पेशल इंटरव्यू – “सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी की मिसाल: सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार”

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
  बागपत : “आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं एक ऐसे पुलिसकर्मी से, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी के दम पर कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर बनने तक का सफर तय किया है। जी हाँ — हम बात कर रहे हैं सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार की, जो इस समय बागपत जिले के बड़ौत नगर के ट्रैफिक इंचार्ज हैं और ट्रैफिक व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।”
 प्रश्न 1: सर, सबसे पहले आपका स्वागत है। हमें अपने शुरुआती सफर के बारे में बताइए — पुलिस सेवा में आपका प्रवेश कब और कैसे हुआ?
 अशोक कुमार
“धन्यवाद। मेरा पुलिस सेवा में प्रवेश वर्ष 1998 में हुआ। उस समय मैं उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। शुरुआत में मेरी पोस्टिंग मेरठ रेंज में रही। मैंने मेरठ के SSP ऑफिस और IG ऑफिस में करीब 19 वर्ष की सेवा दी। उन दिनों मेरी कार्यशैली और अनुशासन को अधिकारियों ने हमेशा सराहा।”
 प्रश्न 2: सुना है आप उत्तराखंड में भी तैनात रहे?
 अशोक कुमार
“जी हाँ, बिल्कुल। उस समय उत्तराखंड अलग राज्य नहीं बना था, इसलिए मेरी तैनाती रुद्रप्रयाग में हुई थी। वहां के पहाड़ी इलाकों में ड्यूटी का अनुभव बहुत चुनौतीपूर्ण और सीखने वाला रहा। मौसम, भौगोलिक स्थिति और सीमित संसाधनों के बीच पुलिस सेवा देना एक यादगार दौर था।”
 प्रश्न 3: कांस्टेबल से सब इंस्पेक्टर बनने का सफर कब और कैसे पूरा हुआ?
 अशोक कुमार
“मैंने 2008 में कांस्टेबल के रूप में जॉइन किया था और अपनी ड्यूटी के साथ-साथ तैयारी भी जारी रखी। लंबे समय की मेहनत और समर्पण के बाद वर्ष 2021 में मैं सब इंस्पेक्टर बना। इस उपलब्धि का श्रेय मैं अपने परिवार और वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग को देता हूँ।”
 प्रश्न 4: वर्तमान में आपकी पोस्टिंग कहाँ है और किस भूमिका में आप काम कर रहे हैं?
 अशोक कुमार
“वर्तमान में मैं जनपद बागपत के बड़ौत नगर के ट्रैफिक इंचार्ज के रूप में कार्यरत हूँ। इसके अलावा पिछले एक वर्ष से ट्रैफिक विभाग में भी जिम्मेदारी निभा रहा हूँ। हमारा प्रयास है कि नगर की यातायात व्यवस्था को और बेहतर व अनुशासित बनाया जाए।”
 प्रश्न 5: यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर आपका क्या विज़न है?
 अशोक कुमार
“हमारी टीम लगातार प्रयास कर रही है कि आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में अभियान चलाए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि दुर्घटनाएं कम हों और लोग नियमों को अपनी जिम्मेदारी समझें, न कि सिर्फ चालान का डर।”
 प्रश्न 6: बागपत के इंचार्ज सतेंद्र यादव के साथ समन्वय कैसा है?
 अशोक कुमार
“सतेंद्र यादव जी बागपत के इंचार्ज हैं। उनके नेतृत्व में जिले में पुलिसिंग को बेहतर दिशा मिली है। ट्रैफिक से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर मोर्चे पर समन्वय और टीमवर्क ही हमारी ताकत है।”
“कांस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर बनने तक का सफर आसान नहीं होता, लेकिन अशोक कुमार ने अपने अनुशासन, कड़ी मेहनत और जनता के प्रति समर्पण से यह साबित किया है कि वर्दी में ईमानदारी और सेवा का जज़्बा आज भी जिंदा है।
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