बोकारो

गांगी हाट अतिक्रमण हटाने को लेकर पेटरवार में उग्र रैली, प्रशासन पर गंभीर आरोप।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

बोकारो। पेटरवार प्रखंड के गांगी हाट एवं आसपास के सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) एवं अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले एक विशाल रैली निकाली गई। रैली में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए, जो हाथों में लाल झंडा लिए “गांगी हाट खाली करो”, “किसानों को हक दो” जैसे नारों के साथ पूरे क्षेत्र में प्रदर्शन करते नजर आए।
रैली की शुरुआत पेटरवार प्लस टू उच्च विद्यालय मैदान से हुई, जो छत्रु राम महतो चौक, बाजार टांड़, न्यू बस स्टैंड और एनएच-23 होते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंची, जहां यह सभा में तब्दील हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में आंदोलनकारियों की आवाज गूंजती रही और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के कुछ पूर्व अधिकारियों द्वारा लिए गए गलत और पक्षपातपूर्ण निर्णयों के कारण पेटरवार के गांगी हाट की लगभग 5.33 एकड़ भूमि, केशरेहिंद जमीन तथा वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणकारियों को न केवल राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, बल्कि विभागीय अधिकारियों का भी खुला सहयोग मिल रहा है।
नेताओं ने कहा कि बाजार की जमीन अतिक्रमित होने के कारण स्थानीय किसानों को मजबूरी में एनएच-23 मुख्य मार्ग पर खड़े होकर सब्जी, बकरा-बकरी आदि बेचना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
सभा में पुष्कर महतो, इफ्तेखार महमूद, पंचानंद महतो समेत अन्य वक्ताओं ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण वर्षों से सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि गैर मजरूवा जमीन की जमाबंदी तत्काल चालू की जाए तथा पुनर्वास के लिए आवंटित भूमि की भी विधिवत जमाबंदी सुनिश्चित की जाए।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस प्रदर्शन में महेंद्र मुंडा, उमा चरण रजवार, मुख्तार अंसारी, गोपाल मंडा, अजीत कुमार महतो, गोविंद मांझी, देवानंद प्रजापति, चुम्बन महतो सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए।
मुख्य मांगें:
गांगी हाट सहित सभी अतिक्रमित सरकारी जमीन को तत्काल मुक्त किया जाए
गैर मजरूवा भूमि की जमाबंदी शुरू की जाए
पुनर्वास हेतु आवंटित भूमि का विधिवत बंदोबस्त किया जाए
अतिक्रमण में शामिल लोगों एवं सहयोगी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
इस पूरे घटनाक्रम ने पेटरवार क्षेत्र में प्रशासन और आम जनता के बीच बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।

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