
नई दिल्ली। भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आॅपरेशन सिंदूर, भारत की सैन्य तैयारियों और पाकिस्तानी दहशतगर्दों की चुनौती जैसे पहलुओं पर अहम बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के पराक्रम ने दिखाया है कि देश किसी भी जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए तत्परता से कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सेना की सोच बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने बांग्लादेश के मौजूदा हालात, चीन के अवैध कब्जे वाले भूभाग ‘शख्सगाम घाटी’ को लेकर भी बयान दिए। प्रेस वार्ता में सेना प्रमुख ने क्या बातें कहीं? जानिए इस खबर में
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर भारत के थल सेना प्रमुख ने अहम बयान दिया। उन्होंने सैन्य कार्रवाई- आॅपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि आॅपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता और रणनीतिक स्पष्टता को दिखाया है। देश की उत्तरी सीमा पर मौजूदा स्थिति के बारे में सेना प्रमुख ने कहा, फिलहाल हालात स्थिर बने हुए हैं लेकिन सुरक्षाबलों का निरंतर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के उपायों से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
चीनी सीमा पर भारत कितना सतर्क?-सेना प्रमुख ने चीन के साथ लगती सीमा पर बरते जाने वाले एहतियात को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने चीनी सीमा पर मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, हमारी सैन्य तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तानी दहशतगर्दों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली कार्रवाई के बारे में कहा कि आॅपरेशन सिंदूर को सटीकता से अंजाम दिया गया। बता दें कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6-7 मई की दरम्यानी रात आॅपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट की इस कार्रवाई के दौरान नौ आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की गई थी।
पाकिस्तान की गीदड़भभकी पर क्या बोले आर्मी चीफ?-उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद निर्णायक जवाबी कार्रवाई का स्पष्ट निर्णय सर्वोच्च स्तर पर लिया गया। सेना ने आॅपरेशन सिंदूर के तहत सटीक रणनीति को अंजाम दिया। 7 मई को 22 मिनट के भीतर आतंकी ढांचों को ध्वस्त किया गया। बकौल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी, ‘आतंकवाद के खिलाफ 7-10 मई के बीच 88 घंटों का आॅपरेशन सिंदूर चलाया गया। इस सुनियोजित अभियान के तहत सेना ने नौ में से सात आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। ‘
रणनीतिक धारणाओं को बदलने में सफलता-उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर लंबे समय से चली आ रही परमाणु संबंधी बयानबाजी का भी जवाब दिया। आॅपरेशन सिंदूर ने रणनीतिक धारणाओं को बदलने के साथ-साथ पाकिस्तान की कार्रवाइयों का माकूल जवाब देने में अहम भूमिका निभाई है।
140 आतंकी सक्रिय, 130 पाकिस्तानी…सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, पाकिस्तान ने साल 2025 में 139 बार संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया। सीजफायर का उल्लंघन 124 मौकों पर आॅपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ। इसके अलावा पिछले साल संघर्षविराम उल्लंघन की कोई भी बड़ी घटना सामने नहीं आई। जहां तक सवाल सैनिकों की तैनाती का है, आज की तारीख में हम बिल्कुल भी पीछे नहीं हट रहे। मोर्चे पर तैनात सैनिक वापस नहीं आ रहे हैं। सेना के पास जो इनपुट है, इसके मुताबिक लगभग 140 आतंकवादी अंदरूनी इलाकों में सक्रिय हैं। 10 आतंकवादी स्थानीय भी हो सकते हैं। बाकी सभी पाकिस्तानी दहशतगर्द हो सकते हैं।
अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा कितनी चिंताजनक?-पड़ोसी देश बांग्लादेश में अशांति, उन्माद और हिंसा से उपजी चिंता को लेकर भी बयान दिए। सेना प्रमुख ने कहा, सबसे पहले हमें समझना होगा कि बांग्लादेश में कैसी सरकार है। अगर अंतरिम सरकार है तो हमें समझना पड़ेगा कि क्या वे अगले चार-पांच साल के लिए फैसले ले रहे हैं या निर्णयों का असर महज चार-पांच महीने तक ही रहेगा। उन्होंने कहा, भारत का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को बढ़ावा न मिले।
बांग्लादेश के साथ लगातार संपर्क में है भारतीय सेना-सेना प्रमुख ने साफ किया, ‘हमें तय करना होगा कि तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है या नहीं। तीनों सेनाओं ने अपने संचार चैनल पूरी तरह से खुले रखे हैं। मैं खुद भी वहां के सेना प्रमुख के साथ नियमित संपर्क में हूं। इसी तरह, दोनों देश अपने अन्य चैनलों के माध्यम से भी संपर्क में हैं। हमने वहां एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसने सभी पक्षों के अलावा नौसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख ने भी बात की है।
तीनों सेनाओं की तरफ से उठाए जा रहे कदम-चुनौतियों से निपटने की तैयारियों को लेकर सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि बांग्लादेश की तीनों सेनाओं की तरफ से उठाए जा रहे कदम किसी भी तरह से भारत के खिलाफ नहीं हैं। जहां तक क्षमताओं को विकसित करने का सवाल है, यह सतत प्रक्रिया है। भारत के साथ अन्य देश भी ऐसा कर रहे हैं। सैन्य तैयारियों की बात करें तो, सेना बांग्लादेश की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।
चीन के अवैध कब्जे वाले भूभाग पर क्या बोले आर्मी चीफ?- भारतीय सेना प्रमुख ने चीन के अवैध कब्जे वाले भूभाग- शक्सगाम घाटी को लेकर भी तस्वीर साफ की। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘जहां तक शक्सगाम घाटी का सवाल है, भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच साल 1963 में हुए समझौते को गैर-कानूनी मानता है। ऐसे में सेना शक्सगाम घाटी में किसी भी गतिविधि को मंजूरी नहीं देती। इस संबंध में विदेश मंत्रालय पहले ही बयान जारी कर चुका है। चीन ने चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर के दूसरे संस्करण (उढएउ 2.0) के बारे में जो संयुक्त बयान जारी किया गया है, भारत उसे स्वीकार नहीं करता। हम इसे दोनों देशों की कार्रवाई को गैर-कानूनी मानते हैं।’



