
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
मुंबई, हम में से ज्यादातर लोगों के लिए इमोजी अब आदत बन चुके हैं- कहीं सहमति जतानी हो तो अंगूठा वाला (थम्सअप) इमोजी, प्यार जताना हो तो दिल, और खुशी या मज़ाक बाँटना हो तो हँसते हुए चेहरे वाला इमोजी भेज दिया जाता है। एण्डटीवी की कलाकार बता रही हैं कि कैसे इमोजी ने उनके बातचीत करने और लोगों से जुड़ने के तरीके को बदला है। ‘हप्पू की उलटन पलटन’ की सोनल पंवार कहती हैं,इमोजी मेरे लिए फीलिंग्स ज़ाहिर करने का शॉर्टकट हैं। चाहे बेस्ट फ्रेंड को ‘रेड हार्ट‘ भेजना हो या कुछ फनी लगे तो ‘क्राई-लाफ‘ फेस वाला इमोजी भेजना-ये छोटे-छोटे सिंबल्स बिना कुछ बोले ही बहुत कुछ कह जाते हैं। मुझे मस्तीभरी बातचीत पसंद है, और इमोजी उसमें जान डाल देते हैं। सबसे ज्यादा मैं वो मंकी वाला इमोजी यूज़ करती हूं जिसने अपनी आंखें ढंक रखी है, जो मेरे ‘ऊप्स‘ या शाई रिएक्शन्स को बिल्कुल अच्छी तरह कैप्चर करते हैं। इमोजी ने मैसेज भेजने के तरीके को पहले से कहीं ज्यादा पर्सनल और कलरफुल बना दिया है। भाबीजी घर पर हैं’ की शुभांगी अत्रे कहती हैं, “बात सिर्फ कहने की नहीं होती, महसूस करने की भी होती है और इमोजी उस फासले को बड़े प्यारे तरीके से पूरा कर देते हैं। कई बार शूटिंग के बाद इतनी थकान होती है कि लंबा मैसेज लिखने का मन नहीं करता, तब एक सिंपल स्माइलिंग फेस या हाथ जोड़ने वाला इमोजी ही सब कह देता है। मुझे तो खासकर स्पार्कल और फूल वाले इमोजी बहुत पसंद हैं-वो मेरे मैसेज में पॉजिटिविटी और एक खूबसूरती सी जोड़ देते हैं।



