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ISIS के निशाने पर हिंदू?

जिहाद के नाम पर बनाया जा रहा निशाना', मीरा रोड चाकू कांड पर भड़के फणडवीस

मुंबई । मीरा रोड चाकू हमले की जांच अब लोन वुल्फ एंगल पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आरोपी के घर से संदिग्ध सामग्री मिली है और वह कथित रूप से कट्टर विचारों से प्रभावित था। जांच में दावा है कि उसकी सोच जिहाद के नाम पर एक समुदाय को निशाना बनाने की ओर झुकी थी।
महाराष्ट्र के मीरा रोड इलाके में हुए चाकू से हमले के मामले में अब जांच ने गंभीर और बड़ा मोड़ ले लिया है। ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला लोन वुल्फ यानी अकेले किए गए हमले जैसा लगता है और शुरूआती जांच में आरोपी के घर से कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामग्री मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी के व्यवहार और मिले सबूतों से ऐसा संकेत मिलता है कि वह खुद को कट्टर विचारों से प्रभावित कर चुका था। उन्होंने यह भी बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपी की सोच जिहाद के नाम पर हिंदू धर्म को निशाना बनाने की ओर झुकी हुई थी।
अमेरिका से लौटा था आरोपी-मुख्यमंत्री के अनुसार, आरोपी के घर से कुछ किताबें और संदिग्ध सामग्री मिली है, जो गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वाली हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी पहले अमेरिका में रहता था और हाल ही में भारत लौटा था। फडणवीस ने यह भी कहा कि शुरूआती जांच में पता चला है कि आरोपी जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की सोच रखता था और इसी मानसिकता के चलते उसने यह हमला किया।
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उन्होंने आगे बताया कि इस पूरे मामले की जांच सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जांच का दायरा सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि आरोपी किस तरह से प्रभावित हुआ और क्या इसके पीछे कोई और लोग या संगठन शामिल हैं।
समझिए पूरा घटनाक्रम-बता दें कि यह घटना सोमवार को उस समय हुई जब 31 वर्षीय आरोपी, जो पहले अमेरिका में लंबे समय तक रह चुका था, ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक निर्माण स्थल पर दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जो बाद में हिंसा में बदल गई। आरोप है कि हमलावर ने धार्मिक बात को लेकर गार्डों पर दबाव बनाया और मना करने पर हमला कर दिया। हालांकि पुलिस अभी इसकी पुष्टि सभी तथ्यों के आधार पर कर रही है।
हमले के बाद इलाके में बढ़ा तनाव-हमले के बाद इलाके में तनाव फैल गया और धार्मिक एंगल को लेकर अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस और अळर की टीम मौके पर पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को करीब तीन घंटे के अंदर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने इलाके के उउळश् फुटेज की मदद से उसे ट्रैक किया और गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि अब यह मामला महाराष्ट्र एटीएस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश मौजूद है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और पुलिस का कहना है कि असली मकसद सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

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