बागपत

सीएनजी आधारित शव दाह प्रणाली हमारे शहर की प्रगतिशील मानसिकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी गंभीर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

“आज बड़ौत नगर के लिए यह सिर्फ एक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि एक नई सोच का आरंभ है। सीएनजी आधारित शव दाह प्रणाली हमारे शहर की प्रगतिशील मानसिकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी गंभीर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वर्षों से अंतिम संस्कार के दौरान लकड़ी की भारी खपत, धुआँ और प्रदूषण एक बड़ी चिंता का विषय रहे हैं। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि बड़ौत प्रदेश का वह पहला नगर बन गया है जिसने इस समस्या का वैज्ञानिक समाधान स्वीकार किया है।
मुझे यह बताते हुए अत्यंत संतोष है कि इस तकनीकी प्रणाली से न तो प्रदूषण होगा, न धुआँ, न ही आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार की पर्यावरणीय हानि होगी। लकड़ी पर निर्भरता कम होने से वन संरक्षण को भी सीधा लाभ मिलेगा और आम जनमानस को एक अधिक सुरक्षित, स्वच्छ व सम्मानजनक वातावरण मिलेगा।
यह पहल हमारी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता तोमर के नेतृत्व में संभव हुई है। उनकी दूरदर्शी सोच, लगातार किए गए प्रयास और नगर के विकास के प्रति दृढ़ संकल्प ने इस परियोजना को आज जमीन पर उतारा है। बड़ौत अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नगरों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा हो रहा है।
मैं नगर पालिका परिषद के सभी सभासदों, कर्मचारियों, तकनीकी टीमों और बड़ौत के जागरूक नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने हर कदम पर हमारा सहयोग किया। आने वाले दिनों में हम स्वच्छता, पर्यावरण और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और भी कई नई परियोजनाएँ शुरू करेंगे, ताकि हमारा बड़ौत प्रदेश भर के लिए एक मॉडल नगर के रूप में उदाहरण बन सके।”
नगर पालिका चेयरमैन बबीता तोमर का विस्तृत वक्तव्य
“आज का दिन बड़ौत नगर के इतिहास में एक सकारात्मक परिवर्तन का दिन है। सीएनजी आधारित शव दाह प्रणाली का शुभारंभ केवल एक तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि पर्यावरण, स्वच्छता और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल है। जीवन के अंतिम संस्कार जैसे पवित्र संस्कार को अधिक सम्मानजनक, प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से यह सुविधा हमारे नगरवासियों को समर्पित की गई है।
पारंपरिक अंतिम संस्कार में लकड़ी की बड़ी मात्रा में खपत और उससे उत्पन्न प्रदूषण हमेशा से चिंता का विषय रहा है। आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि बड़ौत नगर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश को एक नई राह दिखाई है। सीएनजी तकनीक के माध्यम से न सिर्फ धुआँ और कार्बन उत्सर्जन कम होगा, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की बचत भी होगी।
मैं धन्यवाद देना चाहती हूँ नगर पालिका परिषद के सभी सभासदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और उन नागरिकों का, जिन्होंने इस नई सोच को अपनाने में हमारा साथ दिया। यह परियोजना तभी सफल होगी जब जनता इसे पूरे मन से स्वीकार करेगी। हमारा उद्देश्य हमेशा एक—स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और संवेदनशील बड़ौत का निर्माण करना रहा है।
मैं अपने पति श्री अश्वनी तोमर का भी आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने इस योजना को मूर्त रूप देने में हर स्तर पर सहयोग दिया और नगर के विकास कार्यों में बराबर की साझेदारी निभाई।
आने वाले समय में हम बड़ौत को हर सुविधा से सजाने तथा नगर को एक आदर्श और मॉडल नगरपालिका बनाने की दिशा में कई नई योजनाएँ लाने जा रहे हैं। मैं विश्वास दिलाती हूँ कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना ही हमारी प्राथमिकता रहेगी।”
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