ललितपुर

ज्ञान भारतम मिशन के तहत जिले में राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का शुभारम्भ

साढूमल में स्थित 109 वर्ष पुरानी संस्था से हुई शुरुआत

दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियों का किया गया डिजिटल सर्वेक्षण
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
ललितपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत देशव्यापी राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का शुभारम्भ ललितपुर जनपद में हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत जनपद की 109 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित संस्था श्रीमहावीर दिगम्बर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं गणेश वर्णी छात्रावास, साढूमल से की गई, जहां सुरक्षित दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। योजना से जुड़े पुरातत्व एवं इतिहास प्रेमी फिरोज डायमंड ने विद्यालय पहुंचकर पुस्तकालय में संरक्षित पांडुलिपियों का निरीक्षण कर उनकी जानकारी ज्ञान भारतम् ऐप पर अपलोड की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में सैकड़ों वर्ष पुरानी अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित हैं, जो भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं। शासन के निर्देशानुसार इस योजना के अंतर्गत जिले के निजी एवं सरकारी पुस्तकालयों, संग्रहालयों, शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों, संस्कृत पाठशालाओं, मंदिरों, मठों, आश्रमों, गुरुकुलों तथा ट्रस्टों में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी संग्रहकर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों, ज्योतिषाचार्यों, आयुर्वेदाचार्यों तथा संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के विद्वानों के पास सुरक्षित निजी संग्रह भी चिन्हित कर ज्ञान भारतम ऐप पर अपलोड किया जाएगा। विशेष बात यह है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित संग्रहकर्ताओं के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा केवल उनका डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाएगा।
भारत की ज्ञान विरासत को विश्व पटल पर लाने का संकल्प
विद्यालय ट्रस्टी एवं जैन दर्शन-प्राकृत भाषा मनीषी डा.सुनील जैन ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा को संरक्षित करने की अत्यंत महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। इसका उद्देश्य देशभर में बिखरी पांडुलिपियों की पहचान करना, उनका सूचीकरण करना, वैज्ञानिक संरक्षण देना तथा उन्हें एक केन्द्रीय डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए भावी पीढिय़ों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। साथ ही शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को नई दिशा देगा। यह पहल विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप है।
विद्यालय परिवार ने किया सहयोग
इस अवसर पर विद्यालय ट्रस्टी देवेंद्र जैन, गृहपति पं.संतोष शास्त्री, प्रधानाचार्य अभिषेक शास्त्री सहित अन्य पदाधिकारियों ने विद्यालय में सुरक्षित पांडुलिपियों की जानकारी उपलब्ध कराई तथा सर्वेक्षण कार्य में सहयोग प्रदान किया। हीरा निधि के प्रमुख देवेंद्र जैन ने हीरा निधि में उपलब्ध महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का अवलोकन करते हुए प्राचीन लिपि एवं उनके सार से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पुरातत्व विभाग झांसी एवं ललितपुर की संयुक्त टीम ने नगर स्थित अभिनंदनोदय तीर्थक्षेत्र पहुंचकर नगर में उपलब्ध पांडुलिपियों की भी जानकारी ली थी एवं डिजिटलाइज किया।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button