अमरोहा
अमरोहा में झोलाछाप से वसूली के मामले में सीएमओ के चालक की जांच शुरू

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा। झोलाछाप से वसूली के मामले में जांच कमेटी ने सीएमओ के चालक की जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी ने सीएमओ के चालक को बुधवार को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। उधर शासन ने भी भ्रष्टाचार के मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। गजरौला सीएचसी की एंबुलेंस पर तैनात चालक प्रदीप कुमार पिछले कुछ दिन से सीएमओ डॉ. एसपी सिंह की गाड़ी चला रहे थे। सोमवार को चालक प्रदीप कुमार पर डिडौली क्षेत्र के किसी झोलाछाप से अवैध वसूली कर ली। किसी ने लेनदेन का वीडियो बना लिया है। फजीहत होने के बाद हरकत में आए सीएमओ ने अपने चालक प्रदीप कुमार को उसकी मूल तैनाती पर गजरौला सीएचसी भेज दिया। साथ ही मामले की जांच के लिए डॉ. दिनेश मोहन सक्सेना, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. विशाल त्रिवेदी की टीम गठित की है। इसके बाद जांच कमेटी ने आरोपी चालक प्रदीप कुमार को भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में बयान देने के लिए अपने कार्यालय में बुधवार को बुलाया है। जांच कमेटी अध्यक्ष डॉ. दिनेश मोहन सक्सेना ने बताया कि बुधवार को आरोपी चालक प्रदीप कुमार से वसूली के मामले में पूछताछ की जाएगी। जो वीडियो का जिक्र किया जा रहा है, यह वीडियो अभी हमें नहीं मिली है। उधर, सीएमओ के चालक पर झोलाछाप से वसूली का मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम निधि गुप्ता वत्स ने नाराजगी जताई है। साथ ही उन्होंने सीएमओ से मामले में रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में शासन ने भी रिपोर्ट मांगी है।
डीएम ने सालों से एक स्थान पर जमे डॉक्टरों की सूची मांगी
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह डॉक्टरों की मनमानी पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहे हैं। जोया सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुखदेव सिंह चार्ज छोड़ने को तैयार नहीं थे, जिसे लेकर काफी फजीहत झेलनी पड़ी। तबादला होने के बाद 11 दिन तक चार्ज नहीं छोड़ने वाले डॉ. सुखदेव सिंह छुट्टी लेकर चले गए थे। नए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुणाल ओपीडी कर रहे थे, लेकिन डीएम की फटकार के बाद डॉ. सुखदेव सिंह को छुट्टी से वापस आना पड़ा और इसके बाद चार्ज नए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुणाल को दिया था, लेकिन अमरोहा जिले की अन्य सीएचसी पर ऐसे कई चिकित्सक भी है जो 18 से 20 साल से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। तत्कालीन सीएमओ ने उनके तबादले भी किए, लेकिन उन्होंने चार्ज नहीं छोड़ा। निवर्तमान सीएमओ की तरह डॉ. एसपी सिंह भी डॉक्टरों की मनमानी पर अंकुश लगाने में असफल साबित हो रहे हैं। चर्चा है कि कई सालों में एक ही स्थान पर जमे इन डॉक्टरों की सूची डीएम ने मांगी है।
चालक के रुपये लेने के मामले में कमेटी जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चालक प्रदीप कुमार को उनके मूल पद पर तैनाती दी गई है। मंगलवार को मैं मुरादाबाद मीटिंग में था। इस संबंध में शासन से रिपोर्ट मांगी गई है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। -डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ




