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दो माह की खामोशी, एक दिन का करिश्मा
देर आए दुरुस्त आए ,जागा जनप्रतिनिधियों को सोया जमीर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी। दो माह से राष्ट्रीय राजमार्ग 709 बी पर जलभराव और गड्ढे लोगों के लिए किसी “यमद्वार” से कम नहीं थे। लोग रोज़ाना जान हथेली पर रखकर इस मार्ग से गुजरते रहे, लेकिन जनप्रतिनिधियों की नींद में कोई खलल नहीं पड़ा। आखिरकार वही हुआ जिसका इंतज़ार था—नेताओं का जमीर अचानक करवट ले गया।
स्थानीय विधायक नंदकिशोर गूर्जर को जैसे ही शिव विहार मेट्रो स्टेशन के पास जमा गंदे पानी की याद आई, उन्होंने मलबा डलवाकर गड्ढे भरवाने की रस्म अदा कर दी। इधर पालिका परिषद की चेयरमैन रंजीता धामा भी पीछे नहीं रहीं, उन्होंने तो अपने खर्च से लोनी बॉर्डर के गहरे गड्ढों को भरवा कर मानो जनता पर उपकार कर दिया।
अब यह संयोग है या “जनता की सेवा का अचानक उमड़ा प्रेम”, यह तो भगवान ही जाने। लेकिन मज़े की बात यह कि दो महीने तक जिस समस्या ने लोगों को नरक झेलने पर मजबूर किया, वही समस्या दोनों नेताओं को एक ही दिन याद आ गई।
फिलहाल, गड्ढे भरते ही नेताओं की तस्वीरें खिंचीं, पोस्ट बने और जनता को “राहत” मिल गई। जनता भी खुश—क्योंकि आखिर नेताओं को उनकी तकलीफ का एहसास तो हुआ, चाहे देर से ही सही।

