एमआईईटी की शिक्षिका फाल्गुनी गोयल को स्मार्टवॉच पेटेंट डिजाइन पर ‘अचीवर अवार्ड’

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। एमआईईटी के फार्मास्यूटिकल टेक्नोलॉजी विभाग की शिक्षिका फाल्गुनी गोयल ने मधुमेह रोगियों के लिए एक अभिनव स्मार्टवॉच डिज़ाइन तैयार किया है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा ‘अचीवर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। फाल्गुनी गोयल ने 2022 में बैचलर ऑफ फार्मेसी की डिग्री एम आई ई टी से प्राप्त करी है। वे एम आई ई टी की अलमुनाई भी हैं।
फाल्गुनी गोयल ने बताया कि इस आविष्कार की प्रेरणा उन्हें अपनी नानी से मिली। उन्होंने कहा, मेरी नानी डायबिटीज़ की मरीज हैं। उन्हें हार्ट अटैक आया, जो साइलेंट हार्ट अटैक था और समय पर इसका पता नहीं चल पाया। यदि शुगर लेवल की बार-बार जाँच हो पाती, तो उनकी स्थिति के बारे में समय रहते जानकारी मिल सकती थी। इसी अनुभव ने मेरे मन में यह विचार उत्पन्न किया कि ऐसा यंत्र बनाया जाए जो हमेशा मरीज के साथ रहे।उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में उपलब्ध मशीनें अलग से ले जानी पड़ती हैं और उन्हें लगातार शरीर पर पहनकर नहीं रखा जा सकता। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने स्मार्ट पोर्टेबल ग्लूकोमीटर वॉच तैयार की है, जिसका डिज़ाइन पेटेंट कार्यालय से प्रमाणित हो चुका है।यह अभिनव स्मार्टवॉच ग्लूकोमीटर विशेष रूप से मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इसमें सूक्ष्म ग्लूकोमीटर लगाया गया है, जो त्वचा को हल्के से चुभाकर रक्त की थोड़ी मात्रा लेकर तुरंत जाँच करता है। घड़ी के किनारे स्थित ब्लड कलेक्टर त्वरित एवं सुरक्षित सैंपलिंग की सुविधा देता है।यह स्मार्टवॉच घड़ी की तरह कलाई पर पहनी जा सकती है। समय दिखाने के साथ-साथ यह शुगर लेवल की रीयल-टाइम जानकारी देती है। इसके अतिरिक्त इसमें ऑक्सीमीटर, स्टेप काउंटर, टाइम ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ भी मौजूद हैं। साथ ही, यह मोबाइल एप्लिकेशन से जुड़कर प्रत्येक सप्ताह का डायबिटीज़ रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सुविधा प्रदान करती है।फाल्गुनी गोयल को मिला ‘आईबीआर अचीवर’ सम्मान उनके नवाचार, शोध और समर्पण का प्रमाण है। उनका यह कार्य दर्शाता है कि कैसे मेडिकल डिवाइस को रोज़मर्रा के पहनने योग्य उपकरणों में बदलकर रोग प्रबंधन को सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है।


