
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत। धर्मांतरण के एक संवेदनशील प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर आज बेटी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों लोग बागपत कलेक्ट्रेट मुख्यालय पर एकजुट हुए। समिति के पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया तथा क्षेत्राधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रखी गई मुख्य माँगें
धरना स्थल पर समिति की ओर से 4 मुख्य मांगें उठाई गईं
1. आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
2. आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जांच कराई जाए।
3. अवैध निर्माण व संपत्तियों पर बुलडोज़र कार्रवाई की जाए।
4. पीड़ित महिला व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
समिति का कहना है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामले को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है, जिससे जनाक्रोश बढ़ रहा है।
शामिल होने वाले प्रमुख लोग
धरना-प्रदर्शन में कई संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे
हिंदू युवा वाहिनी: आलोक शास्त्री, अमित सरोहा, मोहित उपाध्याय, गुलबहार सिंह, मनमोहन जिंदल, कोविंद तोमर, अरविंद खोखर, उपेन्द्र चौहान, राजीव कुमार, विकास कुमार, संजीव तोमर, मीडिया प्रभारी हिन्दू युवा वाहिनी सुरेंद्र मलानिया हिंदू जागरण मंच: मधुसूदन शास्त्री, अंकित बडोली, जयकुमार तोमर
इसके अलावा क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी आंदोलन में शामिल रहे।
आलोक शास्त्री का वर्ज़न
आलोक शास्त्री ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा—
> “यह सिर्फ एक महिला का मुद्दा नहीं, यह हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। धर्मांतरण जैसी घटनाएँ समाज को तोड़ने का काम करती हैं और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। प्रशासन अगर कार्रवाई नहीं करेगा तो हम आंदोलन को जिलाव्यापी बनाएंगे। आरोपी किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण में हों, उनकी अवैध संपत्तियों की जांच व बुलडोज़र कार्रवाई होकर रहेगी।”
उन्होंने आगे कहा—
> “पीड़ित महिला और उसके परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि उन्हें सुरक्षा दें और आरोपियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।”
धरना-प्रदर्शन लगभग दो घंटे चला, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं, समिति ने स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को बड़े स्तर पर किया जाएगा।



