बेतुल

बैतूल सड़क या तालाब? सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने खोली विकास की पोल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जिले में बरसात के आते ही विकास की परतें खुलकर सामने आने लगी हैं। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्राम पंचायतों की हालत ऐसी है मानो वर्षों से किसी ने इनकी सुध न ली हो।
ताजा मामला खड़ला पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम नयेगांव से सामने आया है, जहां से रौंढा रोड तक लगभग ढाई किलोमीटर लंबी सड़क बारिश में कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क की बदहाल तस्वीर को ग्राम के जागरूक युवा अभिषेक चेतन कालभोर ने उजागर किया है। अभिषेक ने सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के साथ तंज कसते हुए प्रशासन और सत्ता के खोखले विकास के दावों को आईना दिखाया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि नयेगांव से रौंढा रोड तक अलग-अलग योजनाओं के तहत कई जलाशय बन चुके हैं।
एक तरफ शासन प्रशासन विकास यात्रा की बात कर रहा है, दूसरी तरफ गांवों की ऐसी जमीनी हकीकत सामने आ रही है जो बताती है कि योजनाएं सिर्फ कागज़ पर चल रही हैं। सड़क निर्माण की स्वीकृति तो मिल चुकी है, लेकिन निर्माण का अता-पता नहीं। ग्रामवासी कीचड़ भरी राहों से रोज़ गुजरते हुए विकास के जुमलों पर लानत भेज रहे हैं। जब आम नागरिक सोशल मीडिया पर जाकर सड़क को तालाब कहने लगे और व्यंग्य के तीर चलाकर शासन को जगाने की कोशिश करें, तो समझ लेना चाहिए कि जनता का सब्र अब जवाब देने लगा है। बैतूल जिले में कई गांव ऐसे हैं, जहां हर बरसात में सड़कें गड्ढे और दलदल बन जाते हैं। लेकिन प्रशासनिक अमला या तो तस्वीरें देखकर आंखें बंद कर लेता है या फिर जवाबदेही का पल्ला झाड़ देता है। अभिषेक चेतन कालभोर जैसे जागरूक युवाओं की आवाज़ ही अब एक उम्मीद की तरह उठ रही है। लेकिन सवाल अब भी कायम है क्या सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से सड़क बनेगी या फिर जिम्मेदारों को जनता के सवालों का जवाब देना पड़ेगा। बारिश ने विकास के सारे खोखले दावे बहा दिए हैं। सड़कें अब विकास की नहीं, उपेक्षा की प्रतीक बन चुकी हैं। और जब तक जिम्मेदारों की नीति नहीं बदलेगी, तब तक हर गांव की सड़क जलाशय योजना बनती रहेगी और जनता यूं ही कीचड़ में धंसती रहेगी।
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