गाजियाबाद

यूजीसी कानून के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण महासंघ के पदाधिकारी हाउस अरेस्ट

संगठन ने सरकार पर तानाशाही का लगाया आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी/गाजियाबाद। यूजीसी कानून के विरोध को लेकर जनपद में प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए राष्ट्रीय सवर्ण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सतीश शर्मा और उत्तर प्रदेश प्रभारी मनीष ठाकुर को उनके अंकुर विहार स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कार्रवाई एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) की रिपोर्ट के आधार पर की गई।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों नेताओं को उनके घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी और एहतियातन उन्हें नजरबंद रखा। हाउस अरेस्ट नेताओं का कहना है कि आज किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन या रैली का कोई कार्यक्रम घोषित नहीं था। इसके बावजूद पुलिस की इस कार्रवाई को संगठन ने “लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” बताया है।
हाउस अरेस्ट के दौरान पंडित सतीश शर्मा ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि यूजीसी कानून काला कानून है, जो समाज के हितों के खिलाफ है। उन्होंने लोगों से अपने-अपने स्तर पर इसका विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब आवाज नहीं उठाई गई तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।
सतीश शर्मा ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की बात करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में बिना किसी कार्यक्रम के घरों में नजरबंद करना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
संगठन के उत्तर प्रदेश प्रभारी मनीष ठाकुर ने भी कहा कि सवर्ण समाज अपने हकों की लड़ाई जारी रखेगा और जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर खुलकर विरोध करेगा।
सूत्रों के  मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने पूरे जनपद में एहतियातन करीब 62 लोगों को हाउस अरेस्ट किया है, ताकि किसी भी प्रकार का विरोध-प्रदर्शन न हो सके।
राष्ट्रीय सवर्ण महासंघ ने सरकार की इस कार्रवाई को दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा है कि इस तरह की कार्यवाही से जनता में आक्रोश पनपेगा और सरकार को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है
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