मिशन शक्ति अभियान 5.0: “बेटी बचाओ, समाज बचाओ”
खाप पंचायतों के साथ बागपत में नई सामाजिक चेतना की शुरुआत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत : पश्चिमी उत्तर प्रदेश की परंपरागत खाप पंचायतें अब “बेटी बचाओ, समाज बचाओ” मुहिम की ब्रांड एंबेसडर बनकर सामाजिक नवजागरण की मिसाल पेश करने जा रही हैं। जिलाधिकारी बागपत आईएएस अस्मिता लाल के आह्वान पर बड़ौत के पट्टी चौधरान स्थित चौरासी भवन में आयोजित विशेष संवाद में खाप पंचायतों के चौधरी, प्रतिनिधि, महिलाएँ और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में वास्तविक बदलाव संस्कारों और संवाद से ही संभव है। बेटियों के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित इस संवाद में भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी कुप्रथाओं पर सख्त संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि “बेटियाँ हमारे समाज की शक्ति हैं, हमें उन्हें विश्वास, अवसर और सम्मान देना होगा ताकि वे खुले आसमान में अपने सपनों की उड़ान भर सकें।”
कार्यक्रम में पहली बार प्रशासन और खाप पंचायतों के बीच बेटियों के अधिकारों को लेकर सीधा संवाद हुआ। खाप चौधरियों ने बेटी बचाओ, समाज बचाओ अभियान को अपनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी ने खाप चौधरियों को बेटियों के नाम ‘कुलदीपक पौधा’ और घड़ी भेंट कर सम्मानित किया।
खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा, “बेटी घर की कुलदीपक है। दहेज न लें, न दें, और बेटियों को शिक्षित व संस्कारवान बनाएं — वही दो कुलों को रोशन करती हैं।”
बागपत में बेटी बचाओ अभियान के ठोस परिणाम भी सामने आए हैं। 2011 में लिंगानुपात 861 था, जो अब बढ़कर 938 हो गया है। मातृ मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से काफी कम (57) दर्ज की गई है। पिछले सात वर्षों में वन स्टॉप सेंटर पर घरेलू हिंसा के 812 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जो इस अभियान की प्रासंगिकता को दर्शाते हैं।
इस अवसर पर देश खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, सभा अध्यक्ष चौधरी सुभाष शर्मा, दागी खाप चौधरी ओमपाल सिंह, पवार खाप धर्मवीर सिंह, चौधरी देवेंद्र सिंह, चौधरी यशपाल सिंह, चौधरी बृजपाल सिंह, चौधरी जयपाल सिंह, विनोद, एसडीएम भावना सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरचंद वर्मा, तहसीलदार श्वेता सहित अनेक अधिकारी एवं खाप प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



