सिंगरौली
सिंगरौली माड़ा रेंज में जंगल नहीं, लकड़ी तस्करों की किस्मत हरी
रजाई में दुबके अफसर, रात में दौड़ते वाहन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली: सिंगरौली जिले की माड़ा वन रेंज इन दिनों जंगल संरक्षण के लिए नहीं, बल्कि लकड़ी तस्करों की चांदी के लिए जानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में वाहनों में भर-भर कर लकड़ी की सप्लाई धड़ल्ले से की जा रही है और तस्कर माफिया खुलेआम मालामाल हो रहा है। जंगल कट रहे हैं, पेड़ गिर रहे हैं और लकड़ी से लदे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल से वन अमला पूरी तरह बेखबर बना हुआ है, या यूं कहें कि बेखबर बने रहना ही उनकी मजबूरी बन गया है। बताया जा रहा है कि डिप्टी रेंजर साहब के लिए ठंड के मौसम में रजाई से बाहर निकलना शायद वन अधिनियम के उल्लंघन से भी बड़ा अपराध हो गया है। न गश्त दिखाई दे रही है, न नाकेबंदी और न ही किसी तरह की ठोस कार्रवाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में माड़ा रेंज में जंगल ढूंढना मुश्किल हो जाएगा, लेकिन तस्करों की संपत्ति जरूर कई गुना बढ़ जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस खुलेआम चल रहे लकड़ी तस्करी के खेल पर कलेक्टर कार्यालय सिंगरौली कोई संज्ञान लेगा, या फिर कार्रवाई भी ठंड की तरह अगली सर्दी तक के लिए सुरक्षित रखी जाएगी।



