“मतदान और मतगणना के बीच 26 दिन का अंतर क्यों?”—स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उठाए सवाल
“Why is there a 26-day gap between voting and counting?”—Health Minister Dr. Irfan Ansari raised the question

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची/ 08 अप्रैल 2026: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने असम में मतदान और मतगणना के बीच लंबे अंतराल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना के बीच का 26 दिनों का अंतराल समझ से परे है और इससे कई आशंकाएं जन्म ले रही हैं। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी देरी को लेकर आम जनता के साथ-साथ उनके मन में भी स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस दौरान जनता के जनमत के साथ अन्याय न हो या लोगों के विश्वास को ठेस न पहुंचे। डॉ. अंसारी ने सवाल उठाया कि क्या इतनी लंबी अवधि ईवीएम की सुरक्षा और उससे जुड़े डेटा की विश्वसनीयता पर प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने पूछा कि क्या मशीनों की बैटरी और तकनीकी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बनी रहेगी और क्या यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मानकों के अनुरूप है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि मतदान के तुरंत बाद, अधिकतम 5–6 दिनों के भीतर मतगणना प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता का भरोसा मजबूत हो। मंत्री ने कहा कि 26 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मतगणना को लेकर आमजन के मन में संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है और इन सभी सवालों का स्पष्ट, पारदर्शी और संतोषजनक जवाब मिलना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है, जिसे हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। असम की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और महागठबंधन की जीत को लेकर उन्हें पूरा भरोसा है। अंत में डॉ. अंसारी ने असम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महागठबंधन के साथियों से अपील की कि वे सतर्क रहें, ईवीएम की निगरानी करें और मतगणना तक पूरी जिम्मेदारी के साथ डटे रहें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।



