गाजियाबाद
लोनी नगरपालिका की लापरवाही से वार्ड 33 बना नरक
आठ माह से गंदगी-जलभराव में जीने को मजबूर रणजीत नगर के सैकड़ों परिवार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी नगरपालिका की घोर लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते वार्ड नंबर 33 स्थित रणजीत नगर कॉलोनी के सैकड़ों परिवार पिछले आठ महीनों से नारकीय हालात में जीवन बिताने को मजबूर हैं। गंदगी, कीचड़, बदबू और जहरीले मच्छरों के बीच रहने को मजबूर लोग अब प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल उठा रहे हैं।
नगरपालिका द्वारा सीवर लाइन डालने के नाम पर कॉलोनी की गलियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। गलियों को ऊंचा-नीचा छोड़ दिया गया, जबकि पीछे की गली को जानबूझकर नीचा रखने से गंदा पानी वहीं जमा हो गया। हालात इतने भयावह हैं कि नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक घुस चुका है, लेकिन नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने दर्जनों बार नगरपालिका में शिकायतें दीं, लेकिन आज तक न तो स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की गई और न ही सफाई के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। सीवर कार्य के बाद गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स की ईंटें बिखरी पड़ी हैं, जिससे पैदल चलने वाले और वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। कुछ गलियों में रास्ता इस कदर खराब हो चुका है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। गाजियाबाद महिला मोर्चा भाजपा की जिलाध्यक्ष आरती मिश्रा ने नगरपालिका प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रणजीत नगर कॉलोनी, जो वार्ड 33 में आती है, वहां के नागरिक पिछले आठ महीनों से गंदगी और जलभराव में रहने को मजबूर हैं। और ऐसे हालात में प्रशासन का यह रवैया अमानवीय और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
कॉलोनी में चारों ओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। नालियां गंदे पानी से लबालब भरी हैं, सफाई कर्मचारियों का कहीं कोई नामोनिशान नहीं है। कूड़ा उठाने वाले नगरपालिका वाहनों को देखे हुए कॉलोनीवासियों की आंखें तरस गई हैं। गलियों की हालत इतनी बदतर है कि उन पर चलना किसी जोखिम से कम नहीं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यदि कॉलोनी में किसी की अचानक तबीयत बिगड़ जाए या कहीं आग लग जाए, तो एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां अंदर तक पहुंच ही नहीं सकतीं। यह सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लोनी नगरपालिका प्रशासन पर बनती है।
लगातार जलभराव के कारण कॉलोनी में जहरीले मच्छरों की भरमार हो चुकी है। चिकनगुनिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। बावजूद इसके, नगरपालिका द्वारा न तो फॉगिंग कराई जा रही है और न ही कोई स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
कॉलोनीवासियों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही सफाई, जल निकासी और गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर लोनी नगरपालिका कब तक आंख मूंदकर इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करती रहेगी और कब जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी




